हरियाणा पुलिस की भर्ती रविवार को फिर लापरवाही की भेंट चढ़ गई। हालांकि, इस बार नशे या अभ्यर्थियों के उत्पात की वजह से नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों की टाइमिंग पता करने के लिए लगाई गईं चिप कम पड़ने के कारण भर्ती कुछ घंटों के लिए रुक गई।
ऐसे में अभ्यर्थियों को दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। चिप मुहैया हुई तब तक सूरज सिर पर चढ़ने लगा था। हालांकि, एचएसएससी ने अभ्यर्थियों को विकल्प भी दिया था। लेकिन, इसका ज्यादा असर नहीं हुआ। इधर, देर शाम एक अभ्यर्थी सेक्टर चार में तड़पता हुआ मिला। उसे जिलापरिषद के पूर्व प्रधान ने पॉलीक्लीनिक पहुंचाया। रविवार को हुई दौड़ में 7 फुट 3 इंच का भी एक अभ्यर्थी शामिल हुआ।
एचएसएससी की ओर से आयोजित हरियाणा पुलिस भर्ती प्रक्रिया में रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पहुंचे अभ्यर्थी को यह कहते हुए रोक दिया गया कि अभी चिप खत्म हो गई है। चिप आने तक इंतजार करना पड़ेगा।
देर रात से लाइन में लगे इन अभ्यर्थियों को अपने से पहले अंदर गए अभ्यर्थियों की चिप जमा कराने तक इंतजार करना पड़ा। इस प्रक्रिया में सभी अभ्यर्थियों की दौड़ पूरी होने तक दो घंटे तक का इंतजार करना पड़ा।
सुबह पांच बजे शामिल हुए अभ्यर्थियों की दौड़ पूरी होने के बाद सात बजे रजिस्ट्रेशन कराने वाले अभ्यर्थियों का नंबर आया। दौड़ में शामिल होने वाले इन अभ्यर्थियों को चिप लगा दी गई। लेकिन तीसरे बैच और इसके बाद के बैच के अभ्यर्थी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पहुंचे तो इन्हें चिप नहीं होने की बात कही गई। पुलिसकर्मियों ने रजिस्ट्रेशन होने के बाद भी चिप नहीं मिलने के कारण अभ्यर्थियों को वहीं बैठा दिया।
मिला अजीब जवाब
इस संबंध में अमर उजाला ने चिप लगाने वाले व्यक्ति से बात की तो उसने उसने इस खबर को तुल नहीं देने की बात कही। बाद में कहा कि कई अभ्यर्थी चिप गुम करते देते हैं या साथ ले जाते हैं। इस वजह से चिप कम हो गईं। इस जवाब के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि यदि कोई अभ्यर्थी चिप खो देता है या ले जाता है, तो उसका टाइमिंग रिकॉर्ड कैसे रखा जा सकता है। सभी अभ्यर्थियों का नाम पता नोट होने के बाद ही उनका रजिस्ट्रेशन पूरा किया जाता है। ऐसे में चिप ले जाने वाले अभ्यर्थियों पर कोई कार्रवाई की गई या नहीं। नहीं की गई तो क्यों?
पुलिस की बढ़ी मशक्कत
चिप खत्म होने से सभी अभ्यर्थियों की दौड़ पूरी होने में करीब दो घंटे का वक्त ज्यादा लगा। इससे सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मियों की मशक्कत बढ़ गई। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक एएसआई ने बताया कि इन अभ्यर्थियों को कंट्रोल करने में खासी दिक्कत होती है। गर्मी में जो प्रक्रिया 10 बजे खत्म होनी थी, वह एक बजे खत्म हुई। इसका खामियाजा अभ्यर्थियों के साथ पुलिसकर्मियों को भी भुगतना पड़ा है।
यह विकल्प दिया
अभ्यर्थियों को हालांकि दोपहर होने की वजह से दौड़ में शामिल नहीं होने का विकल्प भी दिया गया। माइक से लगातार यह अनाउंसमेंट किया जा रहा था कि जिस अभ्यर्थी को गर्मी महसूस हो रही है या जो असहज महसूस कर रहा है, उनके लिए शाम को दौड़ का आयोजन किया जा सकता है। हालांकि, ज्यादातर अभ्यर्थियों ने इसका फायदा नहीं उठाया।
सात फीट का अभ्यर्थी रहा आकर्षण का केंद्र
शाम को हुई दौड़ में शामिल नरवाना निवासी जितेंद्र आकर्षण का केंद्र रहा। दरअसल कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के मॉसकॉम डिपार्टमेंट में बीएससी ग्राफिक्स एनिमेशन के चौथे सेमेस्टर के विद्यार्थी जितेंद्र की हाइट ने सबको हैरान किया। उसकी हाइट 7 फुट 3 इंच थी। इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल वह अब तक का सबसे लंबा अभ्यर्थी है।
मंदिर के पास तड़पता मिला अभ्यर्थी
शाम की दौड़ पूरी होने के बाद एक अभ्यर्थी पूर्व जिलापरिषद अध्यक्ष को तड़पता हुआ मिला। जिप के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि शाम को करीब साढ़े सात बजे वे सेक्टर सात में शिव मंदिर के पास से गुजर रहे थे। यहां उन्होंने देखा कि एक युवक को दर्द से तड़प रहा है। उन्होंने उससे बात की तो पता चला कि वह रेवाड़ी का रहने वाला है। उसका नाम रवींद्र है। वह पुलिस भर्ती में शामिल होने के लिए यहां आया है। उसकी हालत देख कर प्रवीण ने एंबुलेंस का फोन किया। जब काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुुंची तो उन्होंने उसे अपनी गाड़ी में सेक्टर चार स्थित पॉलिक्लीनिक पहुंचाया।