हरदोई मेें किया अंतिम संस्कार
चंद्रपाल ने बताया कि इकलौते बेटे की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं अमन की बहन कह रही है कि अब वह किसे राखी बांधेगी। गांव में भी मातम पसरा हुआ है। अमन तीसरी कक्षा में पढ़ता था, लेकिन उनको मेहनत-मजदूरी के लिए बाहर जाना पड़ता था तो पूरा परिवार साथ ही जाता था। उन्होंने बताया कि मंगलवार को हरदोई में सई नदी के किनारे बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
आर्थिक सहायता की मांग
चंद्रपाल का परिवार मेहनत-मजदूरी करके अपना गुजर-बसर करता है। इकलौता सहारा छिन जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सरकार से मिलने वाली राशन योजना से परिजन अपना गुजारा कर रहे हैं। घटना के बाद परिवार ने सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है।