हरियाणा सरकार कुरुक्षेत्र अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की ख्याति को कुंभ की तर्ज पर बढ़ाना चाहती है। इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देशानुसार जल्द ही अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को और अधिक भव्य स्वरूप देने के लिए अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव समिति का गठन किया जाएगा।
इस समिति के माध्यम से ही अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, ताकि देश-विदेश में यह महोत्सव और अधिक ख्याति प्राप्त कर सके। इस समिति को राज्य सरकार, जिला प्रशासन और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड सहयोग करेगा। इस समिति को बाकायदा पंजीकृत कराया जाएगा। कुरुक्षेत्र पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी कहा कि कुंभ की तर्ज पर गीता महोत्सव की ख्याति बढ़ाने के लिए सरकार काम कर रही है।
उधर, करनाल की तर्ज पर कुरुक्षेत्र में भी अब प्रमुख मार्गों पर स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। यह स्वागत द्वार धर्मनगरी में पहुंचने का अहसास कराएंगे। यह द्वार आकर्षण का केंद्र होंगे। इन स्वागत द्वारों को बनाने की रूपरेखा जल्द तैयार होगी।
कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को लेकर तैयार किए गए गीत को भी रिलीज किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कुरुक्षेत्र के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। केंद्र सरकार पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना के तहत कुरुक्षेत्र को श्रीकृष्ण सर्किट में शामिल किया गया। इस योजना के तहत ब्रह्मसरोवर, नरकातारी, ज्योतिसर, सन्निहित सरोवर और शहर के विकास कार्य कराए गए और इन विकास कार्यों पर तकरीबन 97.35 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता स्थली ज्योतिसर में 13 करोड़ 63 लाख रुपये की लागत से भगवान श्रीकृष्ण का 40 फीट ऊंचा विराट स्वरूप बनाया गया है। इसके अलावा ज्योतिसर में ही महाभारत थीम भवन का निर्माण करीब 2 एकड़ भूमि पर किया जा रहा है और यह निर्माण 80 प्रतिशत पूरा किया जा चुका है। यह परियोजना देश का मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा, इस महाभारत थीम भवन में महाभारत के दृश्य को आधुनिक मल्टी मीडिया प्रणाली से दर्शाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार ने 205.58 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।
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ब्रह्मसरोवर 30 प्रतिष्ठित धार्मिक सूची में शामिल
ब्रह्मसरोवर को भारत सरकार के पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत तीसरे चरण में देश के 30 प्रतिष्ठित धार्मिक सूची में शामिल किया गया है। इस ब्रह्मसरोवर को स्वच्छ आइकॉनिक स्थल कार्यक्रम के लिए चयनित किया गया है।
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गीता ग्रंथ मानवता के लिए : ज्ञानानंद
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि महाभारत ग्रंथ की गणना के अनुसार इस वर्ष गीता उपदेश का 5159वां वर्ष मनाया जा रहा है। पवित्र ग्रंथ गीता में कोई भी पक्षपात, भेदभाव, संकीर्णता, जाति, वर्ण आदि को लेकर स्थान नहीं है, यह ग्रंथ पूरी तरह मानवता के लिए है। यह ग्रंथ उदार ग्रंथ है और मन को मानसिक शांति का आभास कराता है। इस ग्रंथ में वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश दिया गया है। वर्तमान में श्रीमद्भगवद गीता पूरी मानवता के लिए प्ररेणा बने इसको लेकर हरसंभव प्रयत्न किए जा रहे हैं। कोविड के दौरान जिस प्रकार वैक्सीन ने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम किया। इसी तरह पवित्र ग्रंथ गीता के स्मरण से मानसिक रूप से ताकत मिलती है और पवित्र ग्रंथ गीता के संदेश हमारे मन की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करते हैं।
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48 कोस ऐप को तुरंत अपडेट करने के दिए आदेश
वर्ष 2019 के बाद से 48 कोस ऐप को अपडेट न किए जाने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि ऐप को तुरंत अपडेट किया जाए। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि जो भी कमी ध्यान में आएगी उसे तुरंत दुरुस्त कराया जाएगा। 19 जुलाई 2019 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ से ऐप को लांच किया था, जिसके बाद अधिकारियों द्वारा इसे अपडेट ही नहीं किया गया। ऐप पर आज भी आने वाले कार्यक्रमों में 2019 में लंदन में मनाया जा चुका अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव का प्रचार विभिन्न देशों के दूतावासों पर प्रदर्शनी के माध्यम से किए जाने पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न राज्यों की राजधानियों में भी गीता जयंती महोत्सव आयोजित करने पर विचार किया जाएगा। कुरुक्षेत्र को धार्मिक दृष्टि से दिव्य रूप दिया जा रहा है।