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गीता महोत्सव: धर्मनगरी में पहुंचे फ्रांस से शांति नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ रिडेकर, सांध्यकालीन आरती की

Tue, 12 Dec 2023 08:30 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)

सार

डॉ. आर्थर रिडेकर ने कहा कि श्रीमद्भगवत गीता के श्लोकों में मनुष्य जीवन की हर समस्या का हल छिपा है। बोले कि धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र पूरे विश्व में सबसे सुंदर और भव्य दर्शनीय स्थल है। ब्राजील की यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रासिलिया और पोलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ वारसा के प्रोफेसर ने भी महोत्सव में शिरकत की। 
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पूजा करते हुए। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर तट पर चल रहे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की धूम विदेशों तक पहुंच गई है, जिसके चलते विभिन्न देशों से मेहमान पहुंचने लगे हैं। मंगलवार को फ्रांस के रहने वाले एवं 2007 के शांति नोबेल पुरस्कार सह विजेता डॉ. आर्थर रिडेकर पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत देश देखने का मौका मिला लेकिन धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र विश्व में सबसे सुंदर और भव्य दर्शनीय स्थल है। इस स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के उपदेश दिए। यह उपदेश आज भी पूरे विश्व में शांति का मार्ग दिखाते हैं। इस विश्व में शांति स्थापित करने के लिए प्रत्येक मानव को पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों का अनुसरण करना चाहिए।

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डाॅ. आर्थर रिडेकर मंगलवार शाम को महोत्सव में पहुंचे और उवे देर सायं ब्रह्मसरोवर पुरुषोत्तमपुरा बाग में गीता महाआरती कार्यक्रम में मुख्यातिथि रहे। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवत गीता के श्लोकों में मनुष्य जीवन की हर समस्या का हल छिपा है। गीता के 18 अध्याय और 700 गीता श्लोक में कर्म, धर्म, कर्मफल, जन्म, मृत्यु, सत्य, असत्य आदि जीवन से जुड़े प्रश्नों के उत्तर मौजूद है।

2007 के शांति नोबेल पुरस्कार सह विजेता डाॅ. आर्थर रिडेकर ब्रह्मसरोवर तट पर सांध्यकालीन महाआरती में भाग लेते हुए। व उन्हें सम्मानित करते केडीबी मेंबर।

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यह किसी जाति, धर्म विशेष का ग्रंथ नही बल्कि संपूर्ण मानवता का ग्रंथ है। यह मनुष्यों को कर्म का संदेश देता है। मनुष्य जीवन की चिंताओं, समस्याओं, अनेक तरह के तनावों से घिरा हुआ है, कई बार वह भटक जाता है, ऐसे में गीता मानव को क्रियाशीलता का संदेश देती है और जीवन जीने की कला सिखाती है। 

नोबेल विजेता के साथ इन्होंने की संध्याकालीन महाआरती व पूजा अर्चना
डॉ. आर्थर रिडेकर, हरियाणा सीसीएस कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति प्रो. वीके कांबोज, कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया के प्रोफेसर देवकी नंदन, पौलेंड से यूनिवर्सिटी ऑफ वारसा के प्रोफेसर टकाओ इशिकावा, ब्राजील से यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रासिलिया के प्रोफेसर फ्रांसिस्को फैगियन, वालमी हेथे फैगियन, मारिया फैगियन, सेसिला फेगियन, उपायुक्त शांतनु शर्मा, केडीबी के सीईओ एवं एडीसी अखिल पिलानी, हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच, हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. विरेंद्र चौहान, केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, डीएमसी पंकज सेतिया, कृषि विश्व विद्यालय केमिस्ट्री विभाग के चेयरमैन डाॅ. रजनीकांत शर्मा, केडीबी सदस्य अशोक रोशा, केडीबी सदस्य डाॅ. ऋषिपाल मथाना, अमरजीत सिंह, पूर्व सदस्य सौरभ चौधरी सहित अन्य गण्यमान्य लोगों ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव पर ब्रह्मसरोवर  की महाआरती और पूजा-अर्चना की। सभी ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ यादगारी समुह चित्र भी करवाया। महाआरती का गुणगान पंडित बलराम गौतम, पंडित सोमनाथ शर्मा, गोपाल कृष्ण गौतम, अनिल व रुद्र ने किया। इस गीता महाआरती से पहले कलाकारों ने भजन संध्या की प्रस्तुती देकर ब्रहमसरोवर की फिजा में भक्तिरस भर दिया। 
गीता निकेतन स्कूल के पूर्व छात्र के हाथों में रहा संचालन
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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में सायंकालीन भजन संध्या से लेकर आरती स्थल पर मंच संचालन का सारा कार्यक्रम गीता निकेतन स्कूल के पूर्व छात्र-छात्राओं के हाथों में रहा। केडीबी के सदस्य एवं गीता स्कूल के पूर्व छात्र अशोक रोशा ने कहा कि मंगलवार को भजन संध्या की गायिका, वाद्य यंत्र बजाने वाले सभी कलाकार और मंच का संचालन करने वाले शिक्षक अशोक शर्मा सहित विभिन्न शिक्षक भी गीता निकेतन स्कूल के पूर्व छात्र रहें है। यह एक संजोग रहा कि सभी इस स्कूल के पूर्व छात्र थे।

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