फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: गीतामयी होगा म्हारा प्रदेश, 23 को हर तरफ गूंजेंगे गीता के संदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में 23 दिसंबर को प्रदेश में हर तरफ गीता के श्लोक गूंजेंगे। सभी 22 जिला मुख्यालयों और 119 खंडों में एक लाख पांच हजार 100 छात्र वैश्विक गीता पाठ से जुड़ेंगे। साथ ही गीता के श्लोकों का उच्चारण करेंगे। इसी दिन 18 हजार विद्यार्थी धर्मनगरी के थीम पार्क में भी सामूहिक अष्टादश श्लोकी गीता पाठ करेंगे। इन सभी कार्यक्रमों का खाका तैयार कर लिया गया है। विद्यार्थी भी इसकी तैयारी में जुटे हैं।
विज्ञापन

कोरोना काल में विद्यार्थियों को एक स्थान पर एकत्र करने की बजाए गत वर्ष ऑनलाइन माध्यम से सामूहिक गीता पाठ करवाया गया था। उसके बाद से प्रदेशभर के छात्रों को वैश्विक गीता पाठ से जोड़ने की परंपरा बन गई है। प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन गीता पाठ की मंजूरी देने के साथ-साथ इसके लिए बजट उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दे दिए हैं। सभी स्थलों पर तकनीकी सहायता और उपकरण मुहैया करवाए जाएंगे ताकि सही ढंग से विद्यार्थियों को मुख्य कार्यक्रम से जोड़ा जा सके और दोनों स्थानों के बीच बेहतर टू वे कम्युनिकेशन स्थापित हो सके। खंड और जिला स्तर पर होने वाले वैश्विक गीता पाठ के कार्यक्रम भी भव्य व दिव्य होने चाहिए। स्थान का चयन भी विद्यार्थियों की संख्या, पहुंच व मौसम के अनुकूल किया जाएगा।
गीता पाठ काे सफल बनाने के लिए जिले में 25 अधिकारियों और अध्यापकों की टीम गठित की गई है। इस संबंध में सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में एक बैठक का आयोजन भी किया गया, जिसमें नोडल अधिकारी प्रिंसिपल चन्द्रशेखर, अमरनाथ, अनिल गौतम दत्त, अतुल शास्त्री सहित अन्य अधिकारियों ने कार्यक्रम की रणनीति बनाई।
विज्ञापन

-
महोत्सव में पर्यटक खरीद सकेंगे मुख्यमंत्री के उपहार
महोत्सव में मुख्यमंत्री के उपहारों को भी पर्यटक निर्धारित दामों पर खरीद सकेंगे। पहली बार सरस मेले के स्टॉल नंबर 13 व 14 पर मुख्यमंत्री को मिले उपहारों को प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल के मुताबिक, इन उपहारों की बिक्री से जो भी पैसा मिलेगा, वह मुख्यमंत्री राहत कोष के साथ-साथ सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए खर्च किया जाएगा। इन उपहारों को सजाने के लिए इस स्टॉल को विशेष डिजाइन में तैयार किया जाएगा। इसके लिए कारीगर दिन रात काम में जुटे हैं।
बॉक्स
राज्यों की कला-संस्कृति का संगम, पर्यटक भी गदगद
ब्रह्मसरोवर तट पर जहां एक ओर शिल्पकारों की अनोखी शिल्पकला को देखकर पर्यटक गदगद हैं, वहीं दूसरी ओर विभिन्न राज्यों के नृत्यों के लम्हों को पर्यटक अपने मोबाइल में कैद करते हुए नजर आ रहे हैं। महोत्सव में 13 से ज्यादा राज्यों की लोक संस्कृति को दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं विभिन्न राज्यों के कलाकारों संग ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर पर्यटक भी नृत्य करते हुए नजर आ रहे हैं। विभिन्न राज्यों की कला-संस्कृति का कलाकार बखूबी प्रदर्शन कर रहे हैं। महोत्सव में कलाकारों द्वारा उत्तराखंड के छपेली, पंजाब के गटका, हिमाचल प्रदेश के गद्दी नाटी, राजस्थान के बहरुपिए, पंजाब के बाजीगर, राजस्थान के लहंगा/मंगनीयार व दिल्ली के भवई नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें