धार्मिक स्थल कूड़े से घिरे हुए हैं। शहर गंदगी से अटा हुआ है। ये हालात धर्मनगरी के तब हैं, जब दिव्य कुरुक्षेत्र मिशन के तहत पांच साल से यहां सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रदेश के दो राज्यपाल भी यहां आकर धर्मनगरी को विश्वस्तरीय तीर्थ नगरी और दिव्य कुरुक्षेत्र के रूप में विकसित करने की बात कह चुके हैं। बावजूद इसके हालात आज तक नहीं सुधरे। अब यह मुद्दा वामन द्वादशी को लेकर हुई केडीबी की बैठक के बाद भरी सभा में उठा।
60 से अधिक धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के सामने 18 मंजिला ज्ञान मंदिर को निर्माण करा रहे महंत चिरंजीपुर बोले कि शहर में गंदगी भरमार है। जो 18 मंजिला मंदिर वह ब्रह्मसरोवर तट पर बना रहे हैं वहां पर 10 फीट ऊंचाई तक गंदगी के ढेर लगा दिए गए हैं। इस गंदगी के कारण वहां एक दीवार भी गिर चुकी है। काफी नुकसान भी हुआ। गंदगी की समस्या को वे प्रदेश के राज्यपाल जोकि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं के समक्ष रख चुके हैं। इस बारे में जब केडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से संपर्क किया तो उन्होंने बात सुने बिना ही मेरा फोन काट दिया। सीएम विंडो पर भी इसकी शिकायत दी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि धर्मनगरी में कार्यक्रम होना बहुत अच्छी बात है, लेकिन जो कुरुक्षेत्र का प्रमुख स्थल हैं वहां गंदगी के ढेर न लगाए जाएं। इस दौरान उन्होंने सीएम विंडो के एमिनेंट सदस्य प्रदीप झांब को भी इसकी शिकायत सौंपी। महंत चिरंजीपुरी के तुरंत बाद महंत बंसीपुरी उठे और उन्होंने स्थानेश्वर रोड पर कालेश्वर मंदिर के ठीक सामने जो गंदगी के ढेर लगे हैं उसका मुद्दा उठाया। इस सड़क पर 100 से ज्यादा घर, एक बड़ा पार्क चार गोशाला, दो सामुदायिक केंद्र और शहर के 10 बड़े मंदिर पड़ते हैं। यहां से निकलने वाला कूड़ा कालेश्वर मंदिर के आगे गिराया जाता है।
उधर, विश्व हिंदू परिषद नेता और नगर परिषद निगरानी कमेटी के सदस्य राकेश मेहता भी चुप नहीं रहे। उन्होंने सेक्टर-13 स्थित हनुमान मंदिर के पीछे लगे गंदगी के अंबार के बारे बताया। धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं का कहना था कि जब धर्मनगरी को दिव्य कुरुक्षेत्र बनाने की बात हो रही है तो ये गंदगी का अंबार क्यों? इस दौरान ज्यादातर संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कहा गया कि शहर में आज तक सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पाई है। आज तक हमारे पास अपना डंपिंग जोन नहीं है। ज्ञान मंदिर के पीछे कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की जगह पर नगर परिषद द्वारा गंदगी डाली जा रही है। इस दौरान केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि वे इस बारे नप को कई बार कह चुके हैं। संवाद
नप को गंदगी यहां न डालने बारे कहा जाएगा : प्रदीप
18 ज्ञान मंदिर के पीछे गिराई जा रही गंदगी को लेकर महंत चिरंजीपुरी ने सीएम विंडो के एमिनेंट सदस्य प्रदीप झांब को शिकायत सौंपी। प्रदीप झांब ने कहा कि नगर परिषद के अधिकारियों को कहा जाएगा कि ज्ञान मंदिर के पीछे गंदगी न डाली जाए।
फिलहाल कोई गंदगी नहीं गिराई जा रही : अनुभव मेहता
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुभव मेहता ने कहा कि ज्ञान मंदिर के पीछे काफी समय से गंदगी नहीं गिराई जा रही है। वहीं, जो गंदगी वहां पहले से पड़ी हुई है उसे प्लान बनाकर वहां से हटवाया जाएगा। यहां से गंदगी उठाकर किसी दूसरी जगह डाली जाएगी।