कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। अशोक राणा हत्याकांड को अंजाम देने के बाद दूसरा आरोपी रिश्तेदारी में जा छुपा था। पुलिस को उसकी भनक न लगे इसलिए समय-समय पर अपने अलग-अलग रिश्तेदारों के यहां शरण ले रहा था। वीरवार को सीआईए दो की टीम ने रविंद्र को एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार कर लिया, जिसे अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। वहीं एक आरोपी अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
सीआईए दो के प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि मामले में एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। वह वारदात को अंजाम देते हुए घायल हो गया था। वहीं उसके दोनों भाई मौके से भाग गए थे। दोनों पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग हो गए व अपनी जान-पहचान के लोगों से शरण लेने लगे। टीम ने आरोपियों का पीछा करते हुए एक को काबू कर लिया है। इससे रिमांड के दौरान भाग रहें आरोपी का पता लगाया जाएगा। वह इसकी निशानदेही पर उसे भी जल्द काबू कर लिया जाएगा।
यह था मामला
पुलिस को दी शिकायत में तंगौर गांव के मृतक अशोक राणा के भतीजे विकास कुमार ने बताया कि उसके पड़ोसी व रिश्तेदारी में चाचा नरेंद्र उनके घर के सामने नाली में गोबर डाल रहा था। जिसे कई बार मना किया गया। इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई तो गांव के लोगों ने उनका बीच-बचाव करा दिया। तीन अप्रैल को सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह अपनी मोटरसाइकिल से अपने काम पर जा रहा था। उसी समय नरेंद्र अपने ट्रैक्टर पर घास लेकर सामने से आया और अपना ट्रैक्टर उसकी मोटरसाइकिल के आगे लगाकर उस पर हमला कर दिया। शोर सुनकर अशोक राणा बीच-बचाव करने आया तो उसकी छाती में भाला मार दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।