कुरुक्षेत्र। इस्कॉन संस्था की ओर से होली का पर्व अनूठे तरीके से मनाया जाएगा, इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। होली पर्व के दौरान पांच क्विंटल फूलों का प्रयोग किया जाएगा जबकि श्री कृष्ण की इस धरती पर फूलों की होली खेलने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे। इस्कॉन के स्थानीय प्रभारी साक्षी गोपाल दास के मुताबिक होली पर्व के चलते ही मंदिर में गौर कथा का भी आयोजन किया जा रहा है।
फूलों की होली के पूर्व 21 से शुरू हुई कथा 25 मार्च तक जारी रहेगी। भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु के जन्मोत्सव के उपलक्ष में यह कथा की जा रही है । उन्होंने शुक्रवार को कथा में बताया कि चैतन्य महाप्रभु जो राधा कृष्ण का अवतार लेकर आए हैं । यह भगवान का बहुत ही दयालु अवतार है। चैतन्य महाप्रभु गोलोक वृंदावन का प्रेम धन है हरिनाम संकीर्तन देने के लिए आए हैं। भगवान श्री कृष्ण की भक्ति शहद की धारा के समान है, जो कभी टूटती नहीं। दृढ़ संकल्प किए बिना कोई भक्ति में आगे नहीं बढ़ सकता । भगवान के शुद्ध भक्तों की सेवा हमारे मुक्ति के द्वार खोल देती है। कथा उपरांत लगभग 250 भक्तों ने भंडारा (महाप्रसाद) ग्रहण किया।