कुरुक्षेत्र। एनआईटी कुरुक्षेत्र में प्रथम वर्ष के नए विद्यार्थियों के दाखिले सोमवार से शुरू हो गए हैं। अब तक करीब 600 विद्यार्थी संस्थान पहुंचकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। यह दाखिला प्रक्रिया शनिवार तक जारी रहेगी।
विद्यार्थियों की अधिक संख्या को देखते हुए एनआईटी ने पूरी प्रक्रिया को सरल बनाया है। इसके लिए तीन अलग-अलग डेस्क स्थापित की गई हैं। पहली डेस्क पर विद्यार्थियों के दस्तावेज की जांच की जा रही है। यदि दस्तावेज में कोई कमी है, तो उसे पूरा करने का समय दिया जा रहा है। दूसरी डेस्क पर दाखिला फीस जमा कराई जा रही है। तीसरी डेस्क से विद्यार्थियों को अलॉटमेंट लेटर दिए जा रहे हैं। दस्तावेज की ऑनलाइन जांच भी साथ-साथ की जा रही है। एडमिशन डेस्क के कर्मचारियों ने बताया कि राजस्थान और बिहार के छात्रों की संख्या अधिक है। हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना से भी काफी विद्यार्थी दाखिले के लिए पहुंचे हैं। अलग-अलग राज्यों से छात्रों और उनके अभिभावकों की भीड़ कैंपस में बनी हुई है। दाखिले के साथ ही हॉस्टल की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। हॉस्टल चाहने वाले विद्यार्थियों को फीस जमा कराने के बाद कमरे आवंटित किए जा रहे हैं।
दस्तावेज पूरे करने के लिए 30 तक समय
जिन विद्यार्थियों के दस्तावेजों में कोई कमी रह गई है, उन्हें उसे पूरा करने के लिए 30 अगस्त तक का समय दिया जा रहा है, वहीं कुछ विद्यार्थियों को एंटी रैगिंग फॉर्म जमा कराने में परेशानी आ रही है। संस्थान की ओर से विद्यार्थियों को जरूरी प्रक्रिया पूरी करवाने में मदद की जा रही है। दाखिला प्रक्रिया सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक चल रही है। इसके लिए शिक्षण स्टाफ के साथ गैर शिक्षक कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। एनआईटी में नए विद्यार्थियों की कक्षाएं 25 अगस्त से शुरू होनी हैं।
अभिभावकों के लिए भी की गई व्यवस्था
बड़ी संख्या में अभिभावकों के साथ विद्यार्थियों के पहुंचने को देखते हुए एनआईटी ने उनके लिए एसी कमरे उपलब्ध करवाए हैं। विद्यार्थियों की काउंसलिंग, रिपोर्टिंग और फीस जमा कराने के स्थानों पर भी एसी युक्त कमरों की व्यवस्था की गई है, ताकि गर्मी के बीच दाखिले की प्रक्रिया में उन्हें परेशानी न हो।
दाखिले की पूरी प्रक्रिया के लिए स्टाफ की ड्यूटी
एनआईटी के प्रवक्ता डॉ. दिलबाग सिंह ने बताया कि नए विद्यार्थियों के दाखिले के लिए संस्थान की सभी तैयारी पूरी हैं। दस्तावेज जांच, फीस जमा कराने, अलॉटमेंट लेटर और हॉस्टल संबंधी जानकारी के लिए अलग-अलग डेस्क बनाई गई हैं। शिक्षण और गैर शिक्षक स्टाफ पूरी प्रक्रिया में लगाया गया है। कोशिश है कि नए विद्यार्थियों को रिपोर्टिंग से लेकर हॉस्टल में कमरा मिलने तक किसी तरह की परेशानी न हो।