लाडवा। जोगी माजरा गांव के खेतों में लगी में झुलसने से एक बुजुर्ग किसान की मौत हो गई। आग की चपेट में आने से खेत में रखी पराली व तूड़ी के कूप भी जलकर खाक हो गए और माना जा रहा है कि किसान इस दौरान धुएं में घुटने से बेहोश हुआ और फिर झुलस गया। पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर इत्तेफाकिया कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवा शव सौंप दिया।
मृतक बुजुर्ग की पहचान गांव के ही अजमेर सिंह के रूप में हुई है। मृतक के बेटे सलिंद्र ने अपने बयान में बताया कि उसका पिता अजमेर सिंह सुबह खेतों में गया था। लगभग सुबह 11:30 बजे अचानक खेतों में रखी पराली में धुआं उठने से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने उग्र रूप धारण कर लिया। आग लगने से खेतों में खड़े सात कूपों को अपनी चपेट में ले लिया।
जैसे ही आग लगी देखी तो वह और उसके पिता अजमेर सिंह भी आग बुझाने में लग गए जबकि आसपास के लोग भी जुट गए थे। एक ओर उसके पिता आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे थे तो दूसरी ओर वह भी अपने पड़ोसियों तथा अपने भाई के साथ आग बुझाने में लगा था। जब उन्हें उसके पिता दिखाई नहीं दिए तो उसने उन्हें ढूंढ़ने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दम घुटने वे वहीं गिर चुके थे, जिससे आग में झुलसने के कारण उनकी मौत हो चुकी थी। आग पर काबू पाता न देख उन्होंने डायल 112 व दमकल विभाग की गाड़ियों को सूचित किया। दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
सुबह नाश्ता कर खेतों में चले जाते थे जल्दी
मृतक के बेटे सलिंद्र ने बताया कि उसके पिता सुबह जल्दी नाश्ता कर उनसे पहले खेतों में निकल जाते थे। जब तक वह तथा उसके भाई खेतों में जाते थे तब तक उसके पिता खेतों के कई काम निपटा देते थे। शुक्रवार को भी उसके पिता खेत में जल्दी चले गए थे। मृतक किसान के तीन शादीशुदा बेटे व एक बेटी है।