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पुराने वैक्यूम सर्किट ब्रेकर से हादसे का डर

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गांव बोधनी स्थित 33 केवी पावर हाउस। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। करंट से बचाने वाले वैक्यूम सर्किट ब्रेकर (वीसीबी) पुराने होने से बिजली निगम के कर्मचारियों को हादसे डर सताने लगा है। पटियाला रोड पर गांव बोधनी के 33 केवी पावर हाउस में लगे वैक्यूम सर्किट ब्रेकर को लगे 15 साल से ज्यादा का समय हो गया हैं। विभाग ने न तो इसकी मरम्मत कराई और न ही बदलने की जहमत उठाई।
कर्मचारियों का कहना है कि पुराने वीसीबी को बदलने के लिए वे कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। इस सिस्टम के खराब होने से सीधा फाल्ट ट्रांसफार्मर पर जाता है, जिससे कई-कई घंटे लाइनें बंद रहती है। ट्रिपिंग न होने के कारण तार कई जगहों से टूट जाते हैं। वैक्यूम सर्किट ब्रेकर फ्यूज की तरह काम करते हैं, जो जरा सी भी गड़बड़ी होने पर कट मार देते हैं। इससे यदि कोई करंट की चपेट में आया हो तो वह तुरंत छूट जाता है। हालांकि यहां यह सिस्टम फेल हो चुका है।
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जेई रणजीत सिंह ने बताया कि इस पावर हाउस से बोढा, बोधनी, जुरासी खुर्द, जुरासी कलां, कलसा प्लॉट नंबर 13, शाहपुर व जुलमत गांव को सप्लाई दी जाती है। सप्लाई देने वाली वैक्यूम सर्किट ब्रेकर 15 साल पहले लगी थी, जिसकी कार्य क्षमता खत्म हो चुकी है। इसके ठीक तरीके से काम ने करने पर कई गांवों की बिजली घंटों बाधित रहती है।
ये है वैक्यूम सर्किट ब्रेकर का काम
जेई रणजीत सिंह ने बताया कि इस सिस्टम से अगर लाइन में कोई दिक्कत आ जाए या कोई कर्मचारी काम करते हुए बिजली की चपेट में आ जाए तो इससे यह खुद-ब-खुद लाइन काट देता है, जिससे उसकी जान को खतरा नहीं। बिजली कट होने से ज्यादा नुकसान का भय भी नहीं रहता। इससे उिपकरण भी सुरक्षित रहते हैं। किसी भी जान माल का कोई खतरा नहीं होता।
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बोधनी पावर हाउस के वीसीबी जल्द ही बदल दिए जाएंगे। एस्टीमेट पास हो चुका है। शीघ्र ही काम शुरू हो जाएगा। इसके अलावा पावर हाउस लुखी के वीसीबी बदले जा रहे हैं। यहां आधे वीसीबी बदले जा चुके हैं। - अनिल कल्याण, एडीओ पिहोवा बिजली निगम ग्रामीण क्षेत्र।
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