इस्माईलाबाद। क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित फसलों का मुआवजा अब तक न मिलने से किसानों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री की ओर से दीपावली से पहले मुआवजा राशि सीधे किसानों के खातों में भेजने की घोषणा की गई थी लेकिन यह वादा अभी तक सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। इससे किसानों में मायूसी छा गई है।
किसानों का कहना है कि धान की फसल में हुए नुकसान की आंशिक भरपाई भी अभी तक नहीं हो पाई जबकि अगली फसल की बुआई भी शुरू हो चुकी है। बाढ़ का दर्द झेलने के बाद अब मुआवजा न मिलने से उनकी समस्याएं और बढ़ गई हैं। सरकार की ओर से समय पर राहत राशि मिलने पर ही किसान अपनी टूट चुकी आर्थिक स्थिति को संभाल पाएंगे।
गांव नैसी के किसान सतीश कुमार ने बताया कि अगस्त माह में मारकंडा नदी का तटबंध टूटने से उसकी 27 एकड़ धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। उसने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर मुआवजे के लिए पंजीकरण भी कराया लेकिन अभी तक खाते में एक रुपया भी नहीं आया। लगातार नुकसान झेलने के बाद किसानों की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है।