कुरुक्षेत्र। लघु सचिवालय के बाहर प्रर्दशन करते भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी व अन्य
- फोटो : credit
कुरुक्षेत्र। भारतीय किसान यूनियन विभिन्न मांगों के लिए वीरवार को सुबह से ही सड़कों पर उतरी। जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष सचिवालय परिसर में सांकेतिक भूख हड़ताल व धरना शुरू कर किया जो शाम पांच बजे तक जारी रखा। इसका नेतृत्व भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने किया। धरने पर किसानों ने जमकर नारेबाजी कर रोष जाहिर किया और ज्ञापन भी सौंपा।
इस दौरान गुरनाम चढूनी ने कहा कि किसान पहले से ही प्राकृतिक आपदा की मार में हैं। अब धान की फसल की कटाई शुरू हो चुकी है और मंडियों में 10 दिन से आवक भी होने लगी है लेकिन सरकार आज तक धान खरीद के लिए घोषणा नहीं कर पाई है। यही हालात बाजरे की फसल के हैं। किसानों को बदलते मौसम के चलते फिर से चिंता सताने लगी है कि पकी फसल पर बारिश हुई तो नुकसान बड़ा होगा। बेहद मुश्किल से ही यह फसल तैयार कर पाए हैं लेकिन सरकार उसकी खरीद के लिए गंभीरता नहीं दिखा रही। उन्होंने मांग की कि सरकार जल्द खरीद शुरू करे और अनाज मंडियों में सभी पर्याप्त सुविधाएं हों, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि हाल ही में आई बाढ़ ने किसानों की फसलें चौपट कर दी हैं। सरकार ने सात हजार से 14 हजार रुपये प्रति एकड़ तक मुआवजा देने का एलान किया है, जो बेहद कम है। पंजाब सरकार ने भी यह 20 हजार रुपये प्रति एकड़ तक किया है। हरियाणा सरकार को भी कम से कम 20 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देना चाहिए। यही नहीं जो बोर बाढ़ की वजह से खराब हुए हैं, उनकी भी भरपाई की जाए। इन मांगों के लिए वे अब तक कृषि अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक को मांग पत्र दे चुके हैं लेकिन कोई गंभीरता नहीं दिखाई जिसके चलते ही किसानों को प्रदेशभर में सांकेतिक भूख हड़ताल करनी पड़ी। इसके बावजूद भी सरकार नहीं जागी तो 22 सितंबर को पिपली के ताऊ देवीलाल पार्क में प्रदेशभर के किसान जुटेंगे, जो नेशनल हाईवे जाम करने से लेकर मुख्यमंंत्री आवास का घेराव तक करने का फैसला ले सकते हैं और उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस दौरान कृष्ण कलाल माजरा, राकेश बैंस के अलावा कई किसान धरने पर रहे।
कुरुक्षेत्र। लघु सचिवालय के बाहर प्रर्दशन करते भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी व अन्य- फोटो : credit