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Kurukshetra News: शहर को चाहिए एयरपोर्ट और रिंग रोड, पर्यटन से बढ़ेगी धर्मनगरी की पहचान

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कुरुक्षेत्र। संवाद के दौरान अपने-अपने विचार रखते शहर के शहर के प्रबुद्धजन। संवाद
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कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी अब भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। शहर की पहचान को विश्व स्तर पर मजबूत करने के लिए यहां एयरपोर्ट, रिंग रोड और पर्यटन से जुड़ी योजनाओं की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है। स्थानीय लोगों ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में खुलकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि जब तक यहां आने-जाने की सुविधा, साफ-सफाई और आधुनिक होटल व्यवस्था नहीं होगी, तब तक बड़े पैमाने पर पर्यटक यहां आने से कतराएंगे। लोगों की राय है कि सरकार को विशेष योजना के तहत शहर का विकास करना चाहिए, ताकि हर व्यक्ति यहां पहुंचते ही गीता स्थली का एहसास कर सके। यहां तक कि नेशनल हाईवे 44 से गुजरने वाले हर राहगीर को भी कुरुक्षेत्र की सीमा में प्रवेश करते ही खास अहसास हो जाना चाहिए। वहीं से कुरुक्षेत्र की विशेष पहचान लोगों के दिल में उतर जाए और उसका दूर तक संदेश जाए, ऐसी योजनाओं पर काम करने की जरूरत है।
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एयरपोर्ट बने तो पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला एवं सभा प्रधान डॉ. कृष्ण श्योकंद ने कहा कि धर्मनगरी को आज तक एयरपोर्ट नहीं मिला है। एयरपोर्ट बनने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटक आसानी से यहां पहुंच सकेंगे। यही नहीं यहां आज भी अनेक स्पेशल ट्रेनों का ठहराव नहीं किया जा रहा। यहां आने वाले लोगों को यहां की महत्ता बताने के लिए पर्याप्त गाइड की भी व्यवस्था नहीं है। न ही दूर-दराज से आने वाले लोगों के लिए शहर में स्थानीय बस सुविधा मिल पा रही है। पर्यटन की दृष्टि से शहर को खास योजनाओं के तहत विकसित किए जाने की जरूरत है। इससे यहां कारोबार भी बढ़ेगा और शहर की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बाईपास और रिंग रोड बेहद जरूरी
सराफा एसोसिएशन प्रधान मनोज गोयल ने कहा कि बाईपास न होने के कारण रोजाना शहरवासी घंटों जाम की समस्या से जूझते हैं। करीब दो वर्षों से इसकी मांग उठाई जा रही है और सरकार भी समय-समय पर इसे बनाए जाने का दावा करती रही है लेकिन अब तक लोगों की यह मांग पूरी नहीं हो पाई। बाईपास बनने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
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धार्मिक नगरी बना कुरुक्षेत्र लेकिन पर्यटन नगरी आज तक नहीं
चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, जिला उपाध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी राजेश सिंगला ने कहा कि रोजाना हजारों लोग धर्मनगरी पहुंचते हैं लेकिन यहां ठहरने और खर्च करने का ढांचा मजबूत न होने के कारण स्थानीय कारोबारियों को कोई लाभ नहीं मिल पाता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इसे पर्यटन शहर के रूप में विकसित करना चाहिए। यहां आज तक कोई पांच सितारा होटल नहीं है जिसके चलते पर्यटक यहां आने से पीछे हट रहे हैं। अभी तक जो लोग यहां आ रहे हैं उनमें श्रद्धालु ही अधिक हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए उसी तरह का आधारभूत ढांचा भी होना चाहिए।
नेशनल हाईवे पर ही हो कुरुक्षेत्र का अहसास
कुरुक्षेत्र इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन कार्यकारिणी सदस्य एवं कारोबारी डॉ. गुलजार सिंह ने कहा कि धर्मनगरी में प्रवेश करते समय कहीं से भी इसका अहसास नहीं होता। चारों तरफ गंदगी और साधारण गेट पर्यटकों को निराश करते हैं। नेशनल हाईवे 44 से गुजरने वाले हर व्यक्ति को कुरुक्षेत्र की सीमा से होकर जाने का अहसास जरूर होना चाहिए। इसके लिए शहर के हाईवे के आसपास विशेष सौंदर्यकरण करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रवेश द्वारों को भव्य लुक दिया जाए और शहर में आईटी यूनिवर्सिटी भी स्थापित हो जिससे उद्योग जगत को नए सोपान मिल सके। उन्होंने करनाल, कुरुक्षेत्र व अंबाला के बीच खास औद्योगिक हब बनाए जाने की भी मांग रखी, क्योंकि यहां से दिल्ली से लेकर जम्मू कश्मीर तक पहुंच आसान है।
कुरुक्षेत्र को विश्व मानचित्र पर लाए जाने के नहीं हुए सार्थक प्रयास
अनाज मंडी के पूर्व प्रधान एवं कारोबारी जगतार काजल ने कहा कि कई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके बाद भी कई बड़े नेता धर्मनगरी को विश्व मानचित्र पर लाने की घोषणा कर चुके हैं लेकिन सार्थक प्रयास आज तक दिखाई नहीं दिए हैं। कुरुक्षेत्र को धर्मनगरी के साथ-साथ पर्यटन नगरी बनाए जाने की अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए सरकार को योजनाबद्ध प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि कई बार अधिकारी एसी कमरों में बैठकर योजनाएं बना देते हैं जिन्हें बाद में सरकार को वापस लेना पड़ता है। ऐसे में पहले ग्राउंड पर स्टडी की जानी चाहिए। इसमें ताजा उदाहरण अनाज मंडियाें के लिए बनाई गई योजनाओं का है।
अगले एक माह में तीन और सूचना केंद्र खुलेंगे
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य एवं प्रमुख समाजसेवी अशोक रोशा ने कहा कि आने वाले समय में धर्मनगरी पर्यटन की ओर भी बढ़ी दिखाई देगी। पर्यटकों की सुविधा के लिए अर्जुन चौक पर केडीबी की ओर से पर्यटन सूचना केंद्र शुरू कर दिया है जबकि अगले एक माह में तीन केंद्र और तैयार हो जाएंगे। यही नहीं केडीबी ने गाइड का सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किया है जिसका पहला बैच निकल चुका है। अब यहां गाइड की कोई कमी नहीं रहेगी। तीर्थ दर्शन के लिए बस सेवा भी शुरू कर दी गई है।

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बिना जानकारी लौट रहे लोग
शेयर ब्रोकर प्रमोद कुमार ने कहा कि धर्मनगरी में एक भी गाइड उपलब्ध नहीं है। बाहर से आने वाले पर्यटक बिना जानकारी लौट जाते हैं। अगर गाइड सुविधा शुरू हो तो पर्यटक यहां के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को गहराई से समझ सकेंगे। उन्होंने शहर की स्थानीय समस्याओं पर भी बल दिया। इनमें सड़कों से लेकर सफाई व्यवस्था भी शामिल रही।
पर्यटन बढ़ेगा तो रोजगार भी बढ़ेगा
प्रमुख समाजसेवी नरेश सैनी ने कहा कि पर्यटन के बढ़ने से रोजगार स्वत: बढ़ेंगे और धार्मिक स्थल की तरक्की होगी। प्रशासन को स्वच्छता और पर्यटन विस्तार पर फोकस करना चाहिए, ताकि शहर की पहचान और मजबूत हो सके।
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