पिहोवा। अनाज मंडी में धान की ख़रीद न होने से गुस्साए किसान धरना प्रदर्शन करते हुए। संवाद
इस्माईलाबाद/ पिहोवा। तीसरे दिन भी धान की खरीद न होने से पर इस्माईलाबाद व पिहोवा में किसानों का गुस्सा फूटा और अनाज मंडियों में जमकर रोष जताया। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर मोर्चा खोला। शहीद भगत सिंह किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष अमरजीत सिंह मोहड़ी, ब्लॉक प्रधान अंग्रेज सिंह जखवाला ने कहा कि सरकार ने 22 सितंबर से धान खरीद के आदेश जारी किए हैं।
अनाज मंडी में धान की आवक भी जोरों पर है। मंडी में जो धान आ रहा है वह सरकारी मापदंडों के अनुसार सही है लेकिन उसके बाद भी सरकारी खरीद शुरू नहीं हो रही है। किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि जानबूझकर खरीद में देरी की जा रही है ताकि किसान परेशान होकर औने-पौने दामों में अपनी फसल बेच दें। उन्होंने कहा कि पहले ही किसानों पर कुदरत की मार पड़ी हुई है जिससे धान की निकासी बहुत कम है। किसान नेताओं ने कहा कि इस वर्ष बाढ़ व अधिक बरसात से खेतों में पानी अभी भी जमा है, ऐसे में धान की कटाई करना मुश्किल हो रहा है। गीले खेत में कटाई करने से अवशेष की गांठ बनाना असंभव हो जाता है। किसान नेताओं ने कहा कि अधिकारी पर्याप्त मात्रा में बेलर व पराली प्रबंधन की जिम्मेदारी लें, नहीं तो किसानों को मजबूरन अवशेष में आग लगानी पड़ेगी।
खरीद में सहयोग न करने वाली एजेंसियों के लाइसेंस किए जाएं रद्द : वड़ैच
पिहोवा में किसान यूनियन नेता प्रिंस वड़ैच ने कहा कि राइस मिलर्स की ओर से खरीद एजेंसियों को धान खरीदारी में सहयोग नहीं दिया जा रहा। किसानों का धान खुले में पड़ा है और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय मिलर्स खरीदारी नहीं करते तो बाहरी एजेंसियों से आरओ मांगकर खरीदारी कराई जाए। स्थानीय एजेंसी के लाइसेंस रद्द किए जाएं। उन्होंने कहा कि गत दिवस खाद्य मंत्री एक निजी पैलेस में राइस मिलर्स से मिलकर चले गए और किसानों से मिलना भी मुनासिब नहीं समझा। बुधवार को किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए मार्किट कमेटी अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी धान की खरीद की जाएगी लेकिन किसान बाहरी एजेंसी को आरओ देने की मांग पर अड़े रहे। विभागीय उच्च अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही किसान शांत हुए।