कुरुक्षेत्र। एमओयू की प्रति दिखाते कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा सहित अन्य सदस्य। स्वयं
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय टेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर (कुटिक) और ईपीआईसी (उद्यमिता संवर्धन और ऊष्मायन परिषद) के बीच समझौता ज्ञापन पर (एमओयू) हस्ताक्षर किए गए। एमओयू पर विवि की ओर से प्रो. संजीव अग्रवाल और ईपीआईसी की ओर से निदेशक नरेश गुप्ता ने हस्ताक्षर किए।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि एमओयू का उद्देश्य शिक्षा, अनुसंधान व नवाचार को बढ़ावा देना है। यह समझौता युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आएगा और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाएगा। इस साझेदारी से नई तकनीकों और शोध कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। छात्रों में इंजीनियरिंग को कॅरिअर के रूप में चुनने के प्रति काफी निराशा देखी जा रही है। विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार के अवसर कम होते जा रहे हैं जिसके कारण यह स्थिति पैदा हुई है। हमारे देश को ऐसे उद्यमियों की आवश्यकता है जो उद्यम स्थापित करें और इस प्रकार अधिक रोजगार के अवसर पैदा करें।
ईपीआईसी के निदेशक नरेश गुप्ता व निदेशक रमाकांत ने बताया कि ईपीआईसी छात्रों को एक जीवंत मंच प्रदान करेगा जहां वे अनुभव कर सकेंगे कि एक व्यावसायिक उद्यम वास्तविक दुनिया में कैसे काम करता है। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार, प्रो. संजीव अग्रवाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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रूसा नोडल ऑफिसर प्रो. संजीव अग्रवाल ने कहा कि ईपीआईसी की ओर से प्रदान किए गए मंच का उपयोग करके उद्यमिता को बढ़ावा देने का एक माध्यम बनेगा। छात्र स्तर पर ही उन्हें आकर्षित करना उद्यमिता को निखारने और पोषित करने का सबसे अच्छा अवसर है। कुटिक कोऑर्डिनेटर डॉ. अजय जांगडा ने बताया कि इस समझौते के अंतर्गत छात्र-शिक्षक विनिमय कार्यक्रम, शोध परियोजनाओं में सहयोग और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।