कुरुक्षेत्र। प्राइवेट बसों में छात्राओं और वरिष्ठ नागरिकों का सफर करना मुश्किल हो रहा है। इनके साथ टिकट के लिए अभद्र व्यवहार के मामले सामने आ रहे हैं। टिकट न लिए जाने पर कर्मचारी छात्राओं को बसों से उतार देते हैं, जो सरकार के आदेशों की भी अवहेलना है। सरकार की तरफ से आदेश है कि स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाली जिन छात्राओं के बस पास हैं, वे प्राइवेट बसों में भी नि:शुल्क यात्रा कर सकती हैं। इतना ही नहीं वरिष्ठ नागरिकों को भी बसों में आधे किराए पर सफर करने के आदेश हैं लेकिन पूरा किराया वसूला जा रहा है। विरोध करने पर यात्रियों के साथ चालक परिचालक अभद्र व्यवहार करते हैं।
कंडक्टर ने किया अभद्र व्यवहार : पवन शर्मा
शहर वासी पवन शर्मा ने बताया कि वह सरकारी विभाग से सेवानिवृत्त है। बुधवार को कुरुक्षेत्र से पिहोवा किसी काम से गए थे। जाते समय सरकारी बस में आधे किराए पर सफर किया, आते समय प्राइवेट बस में सवार हुए। कंडक्टर को टिकट का आधा किराया देने की पेशकश की तो परिचालक अभद्र व्यवहार पर उतर आया। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत वह परिवहन मंत्री को करेंगे।
किराया दो नहीं तो बस से उतरो
डीएन कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राएं कविता, महक, पायल ने बताया कि वह लाडवा व बाबैन से डीएन कॉलेज में पढ़ने के लिए आती हैं। उनके बस पास हैं लेकिन प्राइवेट बसों में उनके बस पास मान्य नहीं कर रहे। टिकट न लें तो उन्हें बस से नीचे उतार दिया जाता है। छात्राओं ने कहा कि सरकार एक तरफ तो प्राइवेट बसों में बस पास चलाए जाने का आदेश कर रही है। वहीं दूसरी तरफ ऐसे चालक परिचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाती।
किराया वसूलना गलत : नरेंद्र पांचाल
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन प्रधान नरेंद्र पांचाल का कहना है कि सरकार की तरफ से स्कूली छात्राओं को नि:शुल्क व सीनियर सीटिजन से आधे किराए पर बसों में सफर कराए जाने के आदेश हैं लेकिन बसों में सभी से पूरा किराया वसूला जा रहा है। ऐसे में निजी बसों में यात्री अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं।
मामले को सुलझाने के लिए आरटीए को लिख चुके पत्र : शेर सिंह
रोडवेज महाप्रबंधक शेर सिंह का कहना है कि उनके पास ऐसी कई शिकायतें आ चुकी हैं। सभी शिकायतों को आरटीए विभाग को भेजा गया है। प्राइवेट बसों में बस पास को चलाए जाने के लिए लिखा गया है।