लाडवा। माता बाला सुंदरी मेले में लगाए गए झूले, जो बंद करने के बाद सूने पड़े रहे। संवाद
लाडवा। माता बाला सुंदरी मेले के तीसरे दिन प्रशासन की ओर से सूरजकुंड हादसे से सबक लेते हुए झूलों का फीटनेस प्रमाणपत्र मांगा गया। इसके न मिलने पर झूले बंद करवा दिए गए। बुधवार से शुरू हुए मेले में शुक्रवार तक लोग जान जोखिम में डालकर झूलते रहे।
शुक्रवार को सुरक्षा मानकों व फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दिखाने पर आठ दिवसीय मेले में लगने वाले झूलों को एसडीएम अनुभव मेहता ने अगले आदेशों तक बंद करवा दिया है। झूले बंद होने के कारण मेले में रौनक भी कम दिखाई दी। एसडीएम ने बताया कि शुक्रवार सुबह उनके संज्ञान में मामला आया था। ठेकेदार को झूलों के फिटनेस सर्टिफिकेट दिखाने के लिए बोला गया था लेकिन ठेकेदार कोई फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दिखा सका। उन्होंने बताया कि आम लोगों के जानमाल की सुरक्षा जरूरी है।
फरीदाबाद में हो चुका हादसा : लापरवाही के कारण फरीदाबाद के सूरजकुंड में झूला टूटने से हादसा हो गया था जिससे बचाव के दौरान एक पुलिस अधिकारी की मौत भी हो गई थी। सुरक्षा की दृष्टि को देखते हुए ठेकेदार को फिटनेस सर्टिफिकेट दिखाने तक झूलों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। ठेकेदार से बातचीत करनी चाही तो उनसे बात नहीं हो सकी।
लाडवा। माता बाला सुंदरी मेले में लगाए गए झूले, जो बंद करने के बाद सूने पड़े रहे। संवाद