कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र के बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग द्वारा आयोजित दो छह-दिवसीय एडवांस्ड मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम्स (एमडीपी) का समापन हो गया। यह कार्यक्रम 17 से 22 फरवरी तक आयोजित किए गए, जिन्हें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित किया गया था।
डॉ. लव कुमार सह-प्रोजेक्ट निदेशक ने बताया कि स्टार्टअप्स में लीडरशिप डेवलपमेंट एंड कोचिंग तथा स्टार्टअप्स में चेंज मैनेजमेंट एंड ऑर्गेनाइजेशनल ट्रांसफोर्मेशन विषयों पर आधारित इन कार्यक्रमों में स्टार्टअप संस्थापकों, उद्यमशील युवाओं और उद्योग से जुड़े पेशेवरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छह दिनों तक चले इन सत्रों में प्रतिभागियों को आधुनिक प्रबंधन तकनीकों, नेतृत्व कौशल और संगठनात्मक बदलाव से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई।
प्रतिभागियों ने प्रो. राजन यादव, प्रो. धन्या एमबी, डॉ. शेफाली नंदन, डॉ. स्वेता गौरव, डॉ. लव कुमार, मिस्टर अमृतेश राज और मिस वाणी गर्ग जैसे अनुभवी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। सत्रों में गिग वर्कर्स के बदलते परिदृश्य, स्टार्टअप संचालन सिमुलेशन, चेंज मैनेजमेंट अभ्यास तथा उद्योग आधारित लाइव केस स्टडीज पर विस्तार से चर्चा की गई। इन गतिविधियों ने प्रतिभागियों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान किया।
प्रोग्राम निदेशक एवं नोडल अधिकारी डॉ. चंद्र शेखर ने एमएसएमई मंत्रालय के आयुक्त कार्यालय का वित्तीय सहयोग के लिए आभार जताया। संस्थान के निदेशक प्रो. रमना रेड्डी ने भी कार्यक्रम की सराहना की। यह आयोजन शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत सेतु बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। एमएसएमई मंत्रालय और एनआईटी कुरुक्षेत्र की यह पहल भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में सार्थक प्रयास के रूप में देखी जा रही है। कार्यक्रम में पीएचडी शोधार्थियों स्वाति बौराई, रिचा गोयल, स्वाति गर्ग, अरविंद कुमार का विशेष योगदान रहा।