लाडवा। आर्य प्रादेशिक प्रतिनिधि सभा के वार्षिक अधिवेशन का सोमवार को आयोजन किया गया। इसमें सभा के प्रतिनिधि विजय वेदपाल ने कहा कि मोबाइल पर ‘ हैलो ‘ की बजाए ‘ओइम नमस्ते जी’ बोल कर अभिवादन करने से वैदिक संस्कृति व आर्य समाज का प्रचार व प्रसार हर घर तक हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज आर्य समाज में युवाओं को जोडऩे की आवश्यकता है और उसके लिए जरूरी है कि हर आर्य समाजी अपने साथ अपने पुत्र व पुत्रियों व पोते और पौत्रियों को भी आर्य समाज के कार्यक्रमों में लेकर आए। उन्होंने कहा कि हर घर में मोबाइल वर्जित कक्ष बनाएं, जहां परिवार के सदस्य कम से कम 2 घंटे इकट्ठे बैठ कर विचार, समस्याएं व समाधान सांझा करें और कुटुम्ब प्रबोधन को बढ़ावा दे ।
उन्होंने कहा कि आर्य रतन पदम श्री डॉ पूनम सूरी के 21 वे प्रधान बनने पर कहा कि उन्होंने डीएवी संस्थाओं व आर्य समाज को एक कड़ी में पिरो कर हर कार्य की शुरुआत विश्व के श्रेष्ठतम कर्म हवन यज से करने की प्रथा चलाई । उन्होंने कहा कि स्वतन्त्रता संग्राम में बाल गंगाधर तिलक, पंजाब केसरी लाला लाजपत राय, स. शहीदे आजम भगत सिंह, शहीद शिरोमणि उद्यम सिंह जैसे जितने भी महानायक थे ,सब कही न कही आर्य समाज की विचारधारा से जुड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि आज महर्षि दयानन्द सरस्वती व स्वामी श्रद्धानंद के मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। इस अवसर पर डॉ पूनम सूरी , पूर्व लोकायुक्त न्याय मूर्ति प्रीतम पाल, सतपाल आर्य, जे पी शूर ,ब्रिगेडियर ए के अधलखा,अभिनन्दन पाल,प्रबोध महाजन,एस के शर्मा,लखपत राय शास्त्री, मुकेश आर्य,सेवा सिंह आदि भी अपने विचार व्यक्त किए। संवाद