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पाबंदी के बाद भी सीएम के ओएसडी ने सरस्वती तीर्थ पर कराई पूजा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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पिहोवा। ये अलग-अलग तस्वीर चौदस व अमावस पर पिहोवा के सरस्वती तीर्थ की है। पहली तस्वीर में पुलिस चौदस के अवसर पर शुद्ध स्नान करने आई महिलाओं को वापस भेजते दिख रही है, क्योकि प्रशासन ने चौदस व अमावस पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए तीर्थ पर पिंडदान, गति कर्म, तर्पण व पूजा अर्चना करने पर प्रतिबंध लगा दिया था। वहीं मंगलवार को तीर्थ स्थित प्रेत पीपल घाट पर सीएम के ओएसडी भूपेश्वर दयाल ने पूजा अर्चना करते दिख रहे है। जिसको लेकर पुरोहितों ने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाकर नारेबाजी की।
कार्तिकेय मंदिर में पूजा अर्चना के बाद उन्होंने प्रेत पीपल पर जल भी अर्पित किया। उनके साथ भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी भी मौजूद रहे। वहीं तीर्थ पर वीआईपी द्वारा पूजा अर्चना कराने की भनक जब तीर्थ पुरोहितों को लगी तो कुछ युवक मौके पर पहुंचकर मामले की फुटेज अपने मोबाइल में बनाने लगे। इस पर पुलिस कर्मियों ने एक युवक से उसका मोबाइल छीन लिया। वहीं इसके अलावा भी अन्य लोगों द्वारा पूजा अर्चना की फोटो खींच कर सोशल मीडिया पर डाल दी गई। इस पर पुरोहित सरस्वती मंदिर परिसर में एकत्रित होने लगे। जिसकी जानकारी मिलते ही ओएसडी मौके से चले गए। इस मौके पर गुस्साए पुरोहितों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन दोहरा रवैया अपना रहा है। उनके व अन्य श्रद्धालुओं के साथ पक्षपात किया गया है। एक तरफ प्रशासन तीर्थ पर पूजा अर्चना करने पर पाबंदी का नियम लागू करता है वहीं दूसरी ओर चोर रास्ते से न केवल वीआईपी लोगों को पूजा अर्चना करने की छूट दी जाती है बल्कि पुलिस मौजूदगी में कार्य संपन्न कराए जाते है। मां सरस्वती तीर्थ सुधार सभा के प्रधान एवं पुरोहित गोपाल कौशिक ने आरोप लगाया कि प्रशासन पुरोहितों व अन्य श्रद्धालुओं के साथ भेदभाव कर रहा है।
वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि सरल हरियाणा पोर्टल पर मूवमेंट पास के लिए पंजीकरण भी नहीं हो रहा है। प्रशासन ने केवल आम श्रद्धालुओं को तीर्थ से दूर करने के लिए मूवमेंट पास का बहाना बनाया था। मामले को लेकर एसडीएम सोनू राम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सरल हरियाणा पोर्टल सेवा जारी है। ऐसी कोई शिकायत उनके पास नहीं मिली है कि सरल हरियाणा पोर्टल सेवा बंद है। उधर, मामले को लेकर सीएम के ओएसडी भूपेश्वर दयाल से संपर्क किया तो संपर्क नहीं हो सका।
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जब तीर्थ पुरोहितों की दुकानें बंद तो मूवमेंट पास का नहीं कोई औचित्य
गोपाल कौशिक ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी दुकानें बंद करने के आदेश है। ऐसे में तीर्थ पुरोहितों की दुकानें भी बंद पड़ी है। तब प्रशासन द्वारा मूवमेंट पास के जरिए ही सरस्वती तीर्थ पर एंट्री देने के नियम का कोई औचित्य नहीं है।
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