जिला प्रशासन की टीम ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पिपली पर जेसीबी से अतिक्रमण हटाया। प्रशासन की इस कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मच गया। दुकानदारों ने प्रशासनिक अधिकारियों से स्वयं अतिक्रमण हटाने की गुहार लगाई , लेकिन कार्रवाई नहीं रुकी। जेसीबी मशीन द्वारा दुकानों के आगे बने शेड व चबूतरों को जमींदोज कर दिया गया। वही अस्थायी रुप से बनी दुकानों को व शेड को हटाया गया। अपना सामान समेटने के लिए दुकानदारों से अधिकारियों से कुछ समय देने की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने कानून का हवाला देकर समय देने से साफ मना कर दिया।
इस मौके पर ही नेशनल हाइवे के कर्मचारियों ने सड़क पर निशान लगा दिए जिससे अतिक्रमणकारी प्रशासन की कार्रवाई के आगे बेबस दिखे। इसके साथ करनाल रोड पर भी कई स्थानों पर किए गए अतिक्रमण को हटाया। कार्रवाई में उपायुक्त धीरेंद्र खडग़टा के निर्देश पर एसडीएम अश्वनी मलिक, एसडीएम लाडवा अनिल यादव, ड्यूटी मजिस्ट्रेट बीडीपीओ साहब सिंह, थाना सदर प्रभारी जगदीश चंद की अगुवाई में भारी पुलिस बल अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचे।
पांच दिन पहले दी थी चेतावनी
जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों को पांच दिन पहले अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी थी। चेतावनी के बाद कई दुकानदारों ने तो स्वयं ही अपनी दुकानों के आगे शेड हटा दिए थे। जिन्होंने शेड नहीं हटाए थे, उन पर मंगलवार को मजबूरन प्रशासन को दोबारा से कार्रवाई करनी पड़ी। कई दुकानदारों ने तो अधिकारियों के कड़े तेवर देखते हुए स्वयं अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया।
करीब 30 सालों से अतिक्रमण की भेंट चढ़ा हुआ था मार्ग
अंबाला रोड पर करीब 30 साल से दुकानदारों नियमों को ठेंगा दिखाते हुए अतिक्रमण किए हुए थे। कई दुकानदारों ने तो अपनी दुकान से आगे 10 से 20 फुट तक अतिक्रमण किया हुआ था। जिसके चलते यातायात व्यवस्था चरमराई हुई थी। वहीं कुछ दुकानदारों ने मुनाफे के चक्कर में दुकानों के आगे रेहड़ियां लगवाई हुईं थी।
कार्रवाई रुकवाने के सभी जतन फेल
जिला प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई रुकवाने के लिए दुकानदारों द्वारा किए सभी जतन फेल साबित हुए। कई दुकानदार से तो अतिक्रमण बचाने के लिए नेताओं के सामने दुखड़ा रोया। इस दौरान कुछ ने तो प्रशासन की इस कार्रवाई की तारीफ भी की तो कई दुकानदार आशियाना टूटते देख प्रशासन को कोसते नजर आए।
मुनाफे के लिए दुकानों के आगे लगवाई गई थी रेहड़ियां
राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई दुकानदारों द्वारा मुनाफे के लिए अपनी दुकानों के आगे रेहड़ियां लगवा रहे थे। रेहड़ी फड़ी लगाने वालों से 500 से 1000 रुपये प्रति दिन किराया वसूल जाता था। ऐसे हालात में अतिक्रमण और बढ़ गया था।
अधिकारियों पर कार्रवाई में लगाया भेदभाव का आरोप
प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कई दुकानदारों ने अधिकारियों पर भेदभाव का आरोप लगाया। अधिकारियों ने दुकानदारों को समझाया कि वे कोई भेदभाव नहीं कर रहे, बल्कि उन सभी अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई कर रहे हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़क पर कब्जा किया हुआ था। अधिकारियों ने दुकानदारों को चेताया कि अगर दोबारा से अतिक्रमण करने का प्रयास किया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई में शामिल अधिकारी
प्रशासनिक टीम में एसडीएम थानेसर अश्वनी मलिक, एसडीएम लाडवा अनिल यादव, खंड पिपली के बीडीपीओ व डयूटी मजिस्ट्रेट साहब सिंह, डीएसपी लाडवा भारतभूषण, पीडब्ल्यूडी लाडवा व थानेसर के एसडीओ नेशनल हाइवे के सहायक प्रबंधक मनजीत सिंह व थाना सदर प्रभारी जगदीश चंद शामिल रहे।
पिपली गीता द्वार से पुराने बस अड्डे तक हटवाया अतिक्रमण
राष्ट्रीय राजमार्ग पर जिला प्रशासन के साथ-साथ गुलजारी लाल नंदा मार्ग पर नगर परिषद की कार्रवाई जारी रही। इस दौरान पिपली गीता द्वार से लेकर पुराने बस अड्डे तक दुकानदारों द्वारा किया गया अवैध अतिक्रमण हटाया गया। वहीं कई दुकानदारों का सामान भी जब्त किया गया। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीएन भारती ने कहा कि नप की यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दे दी गई है। यदि वे खुद अतिक्रमण नहीं हटाते तो नप द्वारा उनका सामान जब्त कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज पुराने बस अड्डे से लेकर थर्ड गेट तक अतिक्रमण हटवाया जाएगा।