कुरुक्षेत्र। प्रदेश सरकार की ओर से मकान किराया भत्ता (एचआरए) को केंद्र के अनुरूप संशोधित न करने पर प्रदेश भर के कर्मचारियों में रोष है। हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा उठा चुकी है, इसके बावजूद आज तक सरकार ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई है।
राज्य महासचिव डॉ तरसेम कौशिक ने कहा कि हरियाणा सरकार ने जनवरी 2024 से महंगाई भत्ता (डीए) तो 50 फीसदी कर दिया, लेकिन उसके अनुरूप एचआरए नहीं बढ़ाया। फिलहाल प्रदेश सरकार कर्मचारियों को आठ, 16 और 24 फीसदी की दर से एचआरए प्रदान कर रही है।
जबकि केंद्र सरकार ने जनवरी 2024 से इसे बढ़ाकर ग्रामीण क्षेत्रों में 10 फीसदी, शहरी क्षेत्रों में 20 फीसदी और महानगरों में 30 फीसदी कर दिया है।
उन्होंने कहा कि 7वें वेतन आयोग में स्पष्ट रूप से अंकित है कि डीए के 25 फीसदी पार करने पर एचआरए क्रमशः 27, 18 और नौ फीसदी होना चाहिए था और डीए के 50 फीसदी पहुंचने पर इसे 30, 20 और 10 फीसदी कर दिया जाना चाहिए था परंतु अभी तक भी प्रदेश सरकार द्वारा इस संदर्भ में नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। हालांकि केंद्रीय कर्मचारियों को संशोधित एचआरए प्रदान किया जा रहा है। संवाद