कुरुक्षेत्र। प्रतिभागियों को संबोधित करते कुलसचिव लेफ्टिनेंट डॉ. वीरेंद्र पाल। स्वयं
- फोटो : गंध कुटी में फूल पूजा करते अनुयायी।
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में राज्य एनएसएस प्रकोष्ठ की ओर से पोषित एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर (एनआईसी) के द्वितीय दिवस का शुभारंभ किया गया। प्रथम सत्र में कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों से आए स्वयंसेवकों ने श्रीकृष्ण, महिला सशक्तिकरण तथा भारत माता जैसे विषयों पर कविताएं प्रस्तुत कीं।
मुख्य अतिथि कुलसचिव लेफ्टिनेंट डॉ. वीरेंद्र पाल ने कहा कि राष्ट्रीय एकता शिविर विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं को जानने का अनूठा अवसर प्रदान करता है। मुख्य वक्ता डॉ. भीमराव आंबेडकर अध्ययन केंद्र के निदेशक डॉ. प्रीतम सिंह ने बताया कि भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि एक भावनात्मक परिवार है। जहां अपनापन, त्याग और सेवा की भावना निहित है। डॉ. आबिद अली ने समय प्रबंधन के महत्व को विभिन्न गतिविधि के माध्यम से समझाया। इस मौके पर एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आनंद कुमार, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नीरज बातिश, कार्यक्रम अधिकारी अमनदीप कौर, भुनेश्वर लाल साहू सहित अन्य मौजूद रहे। संवाद
कुरुक्षेत्र। प्रतिभागियों को संबोधित करते कुलसचिव लेफ्टिनेंट डॉ. वीरेंद्र पाल। स्वयं- फोटो : गंध कुटी में फूल पूजा करते अनुयायी।