कुरुक्षेत्र। दयालु-2 योजना का आवेदन करने वाले आवेदकों की शिकायत व इलाज के दौरान जियो टैगिंग के साथ फोटो और वीडियो बनाकर फाइल में लगाएं। कोई भी योग्य पात्र योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति ने 14 मामलों पर चर्चा की। इन 14 केसों में से 8 केसों को स्वीकृत किया गया जिनमें चोट के आधार पर मुआवजा तय किया गया, चार केसों को अस्वीकृत किया गया और दो केस ऐसे थे, जिनकी अभी तक पुलिस वेरिफिकेशन नहीं हुई थी। उपायुक्त सोमवार को लघु सचिवालय में आयोजित दयालु-2 जिला कमेटी की बैठक में केसों की समीक्षा कर रहे थे।
बैठक के दौरान जिला स्तरीय कमेटी ने पीडि़तों को दी जाने वाली सहायता का निर्णय लिया। इस दौरान जिला सांख्यिकी अधिकारी जसविंदर कौर ने बैठक में बताया कि अब तक जिले में 128 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 58 को स्वीकार किया गया, सात रिजेक्ट, 14 केसों पर बैठक में चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने दयालु योजना के तहत किसी नागरिक की सडक़ों पर घूम रहे पशुओं से दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता हो जाने पर उन परिवारों को एक लाख से पांच लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जा रही है। इसके अलावा चोट के लिए न्यूनतम 10 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए परिवार पहचान पत्र के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य है। संवाद