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शिक्षण संस्थानों की लौटी रौनक, विद्यार्थी खुश

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केयू के आईआईएचएस में सेल्फी लेतीं छात्राएं। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को भांपते हुए तीन जनवरी से बंद हुए शिक्षण संस्थान मंगलवार से खुल गए हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कैंपस में फिर से रौनक लौट आई है। विश्वविद्यालय पहुंचे विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे। ऑफलाइन क्लास लगाने पहुंचे विद्यार्थी काफी उत्साहित नजर आए।
विश्वविद्यालय पहुंचे विद्यार्थी एक-दूसरे के साथ रूबरू हुए। विद्यार्थियों ने अपने दोस्तों के साथ गपशप की और ऑफलाइन कक्षा में पढ़ाई करने के बाद विद्यार्थियों ने कैंटीन पहुंचकर चाय की चुस्की ली। बताया गया कि मंगलवार को 50 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे। हालांकि विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश करने से पहले मुख्य द्वार पर सुरक्षा कर्मियों द्वारा विद्यार्थियों का टीकाकरण का प्रमाणपत्र जांचा गया। जांच के दौरान ज्यादातर विद्यार्थियों ने अपने-अपने प्रमाणपत्र दिखाए। इतना ही नहीं, ऑफलाइन कक्षा लगाने के लिए सभी विद्यार्थियों के लिए मास्क अनिवार्य किया गया था।
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उधर, कोरोना के चलते मंदी की मार झेल रहे यूनिवर्सिटी मार्केट के दुकानदारों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई है। दुकानदारों का कहना है कि कोरोना की दस्तक के बाद से काम धंधा चौपट हो गया है। अब दोबारा विश्वविद्यालय खुलने से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। उधर, जिलेभर के तीन राजकीय सहित 14 निजी महाविद्यालयों में भी विद्यार्थी ऑफलाइन क्लास लगवाने पहुंचे। महाविद्यालयों में कोविड गाइडलाइन का पालन कराते हुए विद्यार्थियों की पढ़ाई कराई गई। बताया गया कि शिक्षकों ने फरवरी व मार्च में आयोजित होने वाली परीक्षाओं के बारे में तैयारी कराई।
उधर, सरकार की गाइडलाइन के तहत कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को उनके माता-पिता की अनुमति पत्र दिखाने के बाद विद्यालय में प्रवेश दिया गया। विद्यालय के मुख्यद्वार पर टीकाकरण के प्रमाणपत्र जांचे गए। जिन विद्यार्थियों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज नहीं लगी हुई थी, उन्हें वैक्सीन लगवाने के लिए जागरूक किया गया।
जींद वासी निधि ने बताया कि कोरोना के चलते 2020 से ही ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण का प्रकोप कम होने के बाद विश्वविद्यालय में ऑफलाइन पढ़ाई करने का मौका मिला था, लेकिन फिर कैंपस बंद कर दिया गया। अब दोबारा से ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हो गई है। उनकी प्राथमिकता रहेगी कि जो नुकसान उन्हें पढ़ाई में हुआ है, उसकी भरपाई की जाए। कहा कि शिक्षकों से रूबरू होकर काफी अच्छा लगा।
करनाल वासी बीए प्रथम वर्ष के छात्र हर्ष ने का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर से पहले सवा महिना ही ऑफलाइन पढ़ाई कर पाए थे। तीन जनवरी से फिर विश्वविद्यालय को बंद किया गया था, लेकिन अब दोबारा कैंपस खुलने से विद्यार्थियों को काफी राहत मिली है। वे ऑनलाइन पढ़ाई कर करके बोर हो चुके हैं।
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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय लोक संपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. दीपक राय ने बताया कि पहले दिन विश्वविद्यालय पहुंचे विद्यार्थियों में काफी उत्साह दिखाई दिए। विवि द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। मंगलवार को पहले दिन 50 फीसदी विद्यार्थी कैंपस पहुंचे। ऑफलाइन क्लास के दौरान कोविड गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है।
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