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134-ए समाप्त करो, आरटीई लागू करो 

Sat, 07 May 2016 12:24 AM IST
कुरुक्षेत्र ब्यूरो/ अमर उजाला
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134 ए - फोटो : amar ujala
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नियम 134-ए समाप्त किया जाए तथा आरटीई लागू की जाए। यह मांग निजी स्कूल संचालकों ने प्रदेश सरकार से की। जिला के अधिकतर निजी स्कूल संचालकों ने इस मांग को लेकर शुक्रवार को जिला सचिवालय में जोरदार प्रदर्शन किया तथा जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसी के साथ ही निजी स्कूलों की हड़ताल के पहले दिन जिलेभर के अधिकतर निजी स्कूल बंद रहे। प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन के तत्वावधान में भारी संख्या में निजी स्कूल संचालक, प्रतिनिधि स्कूल स्टाफ सहित जिला सचिवालय में सुबह 10 बजे एकत्रित हुए। जहां उन्होंने प्रदर्शन किया तथा इसके बाद केडीबी सीईओ पूजा भारती को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
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इससे पहले एसोसिएशन के अध्यक्ष रोशन लाल गुप्ता सहित कई अन्य पदाधिकारियों ने भी उन्हें संबोधित किया और प्रदेश सरकार की निजी स्कूलों को लेकर अपनाई जा रही नीतियों पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आरटीई व 134-ए के दोषपूर्ण क्रियान्वयन के कारण ही वर्तमान समय में गंभीर सामाजिक विघटन की परिस्थिति बन गई है।

यही कारण है कि जहां अन्य राज्यों में 25 फीसदी गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में शिक्षा का लाभ मिल रहा है वहीं प्रदेश सरकार 10 फीसदी तक ही सीमित होकर रह गई है। इसे भी सही तौर पर लागू नहीं कर पा रही है, जिसके परिणामस्वरुप अभिभावक संघ भी हर रोज सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाए कि सरकार गरीब छात्रों को इन स्कूलों में पढ़ाने की प्रतिपूर्ति के नाम पर निजी स्कूलों का मजाक बना रही है। दिल्ली व राजस्थान जैसे कई राज्य डेढ़ हजार रुपए से भी अधिक प्रतिपूर्ति राशि स्कूलों को दे रही है वहीं प्रदेश सरकार अपने 400 रुपए तक के वायदे पर भी खरा नहीं उतर पा रही है।
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इससे बचने के लिए बहाने तलाशे जा रहे हैं। यह सरकार की नाकामी व लापरवाही का ही परिणाम है कि आज निजी स्कूलों की कमर भी टूटने लगी है। इसी के चलते आज ये स्कूल सड़कों पर उतरने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि 134-ए नियम को निरस्त किया जाए तथा पूरे देश की भांति हरियाणा में भी शिक्षा का अधिकार मूल रुप से  लागू किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं किया तो निजी स्कूल संचालक और भी कड़ा संघर्ष करने के लिए मजबूर होंगे।

झूठे सर्टिफिकेट का सहारा लेने लगे संभ्रांत परिवार
स्कूल संचालकों ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण ही आज संभ्रांत परिवार भी झूठे सर्टिफिकेट का सहारा लेकर बच्चों की फीस देने से इंकार कर रहे हैं। इससे स्कूलों में हर रोज झगड़े होने लगे हैं और इसका पढ़ाई के माहौल पर विपरित असर पढ़ रहा है। निर्धारित सीटों को लेकर विभाग के अधिकारी भी मनमानी पर उतरे हुए हैं और इंस्पेक्टरी राज का अनुभव करवा रहे हैं।

थोंपी जा रही है सरकारी स्कूलों की संस्कृति
निजी स्कूल संचालकों ने कहा कि विभाग के अधिकारी निजी स्कूलों पर भी मनमाने तरीके से सरकारी स्कूलों की संस्कृति थोंप रहे हैं। जबकि प्रदेश के 60 फीसदी बच्चे इन स्कूलों में बेहतर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

9 तक बंद रहेंगे स्कूल
निजी स्कूलों की हड़ताल 9 मई तक जारी रहेगी। यह ऐलान एसोसिएशन ने वीरवार को हुई बैठक में किया। जिसके अनुसार पहले दिन हड़ताल सफल रही। अनेकों स्कूलों में बच्चे भी सुबह स्कूल समय के अनुसार पहुंच गए, जहां उन्हें स्कूल बंद होने की जानकारी हुई और वापिस घर लौटे। कई स्कूलों में कक्षाएं भी लगाई गई, लेकिन बच्चों को लाने- ले जाने के लिए स्कूल बसे सड़कों पर नहीं दौड़ी।

गरीब विद्यार्थियों को दाखिले के पहले ही दिन मिली निराशा
नियम 134-ए के तहत निजी स्कूलों में निर्धारित सीटों पर गरीब बच्चों के दाखिले के शुक्रवार को पहले ही दिन निराशा का सामना करना पड़ा। प्रवेश परीक्षा के बाद क्वालीफाई हो चुके इन विद्यार्थियों का वीरवार को ही ड्रा निकाला गया था। जहां उन्हें निजी स्कूलों में नाम घोषित होने पर खुशी हुई वहीं यह खुशी आज पहले ही दिन गायब दिखाई दी।

ड्रा के दौरान ही अभिभावकों को बताया गया था कि शुक्रवार को सभी निजी स्कूलों में इन दाखिलों को लेकर लिस्ट भेज दी जाएंगी और वह शुक्रवार को वहां जाकर दाखिला ले सकते हैं। जहां अधिकतर अभिभावक निजी स्कूलों की हड़ताल की जानकारी के चलते दाखिले के लिए बच्चों को लेकर नहीं आए तो वहीं कई अभिभावकों को स्कूलों में आने पर ही पता चल पाया। बाद में वह निराशा के साथ बच्चों को लेकर लौट गए।

दाखिला बच्चों का हक, दिलाकर रहेंगे: डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी उमा शर्मा का कहना है कि निजी स्कूलों में पात्र बच्चों का दाखिला लेना उनका हक है। उन्हें यह हक दिलाकर रहेंगे। निजी स्कूलों की हड़ताल के चलते वह अभी कुछ नहीं कर सकते, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि 10 मई को स्कूल खुलेंगे और इन बच्चों को दाखिले मिल जाएंगे। किसी भी बच्चे को परेशानी आएगी तो अधिकारी मौके पर पहुंचकर दाखिला करवाएंगे।
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