श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन ने काउंसलिंग के दूसरे चरण में एमडी/एमएस आयुर्वेद की 58 सीटों पर विद्यार्थियों को प्रोविजनल अलॉटमेंट दे दी है। अब चयनित विद्यार्थी आयुष विश्वविद्यालय की ओर से उपस्थिति दर्ज कराने, दस्तावेज सत्यापन तथा ऑनलाइन फीस जमा करने के लिए 24 फरवरी तक का समय दिया गया है। इसके पश्चात रिक्त सीट रहने पर तीन मार्च से काउंसलिंग का तीसरा चरण शुरू होगा। कुछ विद्यार्थियों को दूसरे चरण में भी सीट न मिलने से निराशा हाथ लगी है, लेकिन वे तीसरे चरण में दाखिला मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
आयुष विश्वविद्यालय द्वारा आयुर्वेद में एमडी/एमएस की 65 सीट के लिए दूसरे चरण में आवेदन मांगे गए थे। इन सीटों पर 151 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 58 सीटों पर विद्यार्थियों को अलॉटमेंट दी गई। अब श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं भगवान धनवंतरी महाविद्यालय चंडीगढ़ के विभिन्न पाठ्यक्रमों की 15 सीटें रिक्त हैं। इनमें से नौ सीट धनवंतरी महाविद्यालय और छह सीट श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय की शामिल हैं। विश्वविद्यालय की ड्राफ्ट एंड काउंसलिंग कमेटी के संयोजक डॉ. आशीष मेहता ने बताया कि काउंसलिंग के दूसरे चरण में ऐसे आठ विद्यार्थियों ने अपग्रेडेशन के लिए आवेदन किया था, जो पहले राउंड की काउंसलिंग के बाद आयुर्वेद के दूसरे विषयों में प्रवेश चाहते थे। उन आठ विद्यार्थियों को भी अपग्रेडेशन दी गई है। डॉ. मेहता ने बताया कि आयुर्वेद के स्नातकोत्तर में पहले चरण की काउंसलिंग में 37 सीटों पर 31 विद्यार्थियों को अलॉटमेंट दी गई थी।
सात सीट धनवंतरी महाविद्यालय चंडीगढ़ और 24 श्रीकृष्णा आयुर्वेदिक महाविद्यालय के अंतर्गत आती हैं। मगर पहले चरण के बाद आयुर्वेद के नौ विषयों में 52 सीटों पर आयुष मंत्रालय से एमडी कराने की अनुमति मिलने के बाद दाखिला लेने वाले इच्छुक विद्यार्थियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई। इसके चलते आठ विद्यार्थियों ने दूसरे चरण में अपग्रेड किया है। उन्होंने बताया कि पहले चरण की काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीन मार्च से तीसरा चरण शुरू होगा। आवेदन प्राप्त होने के बाद दस्तावेज जांच करने के बाद 10 मार्च को सीट अलॉटमेंट की अंतिम सूची जारी की जाएगी।