कुरुक्षेत्र/पिहोवा। खुलकर रखें अपनी बात, पुलिस हर कदम पर आपके साथ। कोई भी छात्रा, महिला व नागरिक किसी भी आपात स्थिति में पुलिस से संपर्क कर मदद मांग सकता है। पुलिस से डरने की नहीं, बल्कि खुलकर अपनी बात रखने की जरूरत है, क्योंकि हरियाणा पुलिस का ध्येय ही सेवा, सुरक्षा और सहयोग है। अगर, किसी को लगता है कि वह थाने या पुलिस के पास नहीं जा सकता है तो वह डायल-112 पर कॉल करके पुलिस से सहायता प्राप्त कर सकता है। जनता के लिए डायल-112 संकटमोचन का काम रही है। यह बात पिहोवा पुलिस उप-अधीक्षक अनिल कुमार ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पिहोवा में आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्राओं को जागरूक करते हुए कही।
इससे पहले पिहोवा के खंड शिक्षा अधिकारी विरेंद्र गर्ग, स्कूल प्रधानाचार्य सुशीला गुप्ता व श्वेता शर्मा ने पौधा भेंट कर डीएसपी अनिल कुमार व उनकी टीम का अभिनंदन किया। डीएसपी अनिल कुमार ने छात्राओं को नशे से दूर रहने, यातायात नियमों का पालन करने, पॉक्सो एक्ट, साइबर अपराध और दुर्गा शक्ति एप से संबंधित जानकारी प्रदान की। उन्होंने छात्राओं के साथ महिला और साइबर हेल्पलाइन नंबर साझा किए साथ ही उनको पुलिस की कार्यप्रणाली और ध्येय के बारे में भी अवगत कराया। इसके अलावा उन्होंने स्कूल और स्कूल बस से संबंधित कई अहम जानकारी भी दी।
डीएसपी ने बताया कि बुरे हालात में डायल-112 पर कॉल कर पुलिस की मदद प्राप्त कर सकते हैं। यह टीम 10-15 मिनट के भीतर आपकी लोकेशन पर सहायता के लिए पहुंच जाएगी। अगर किसी के साथ भी साइबर धोखाधड़ी हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं। अगर कोई ब्लैकमेल करे तो डरने की बजाय पुलिस की सहायता लें। यातायात नियमों का पालन बेहद जरूरी है। हमारे देश में पूरे विश्व के तीन फीसदी वाहन है, जबकि हादसे की संख्या इसके मुकाबले तीन गुना है। अभिभावक अपने बच्चों को बालिग होने तक वाहन न चलाने दें। इसका पूरा दायत्वि अभिभावकों के कंधों पर है। सड़क दुर्घटना कोई छोटी बात नहीं होती है। इस मौके पर कविता चक्रपाणि, श्वेता शर्मा, मेघा गुप्ता, मीनू बंसल, कोमल ग्रोवर, नायब सिंह, कर्मपाल कौर, रजविंदर कौर सीमा, सोनिया और राखी सहित छात्राएं मौजूद रहीं। वहीं समाजसेवी जसबीर सिंह जस्सी की ओर से छात्राओं को रिफ्रेशमेंट वितरित की गई।
डायल-112 के काम करने का दिखाया डेमो
डीएसपी ने स्कूल में डायल-112 की गाड़ी को बुलाकर उसकी पूरी कार्यप्रणाली को समझाया। मौके पर बताया कि कॉल आते ही डायल-112 पर टीम के पास मौजूद टैब से कॉल करने वाले की लोकेशन मिल जाती है, जिसके बाद टीम 10-15 मिनट पर उस स्थान पर पहुंच जाती है। गाड़ी के प्रभारी के कंधे पर एक छोटा कैमरा लगा होता है, जिसमें सब रिकॉर्ड हो जाता है। डीएसपी ने छात्राओं के समक्ष इसका प्रदर्शन डेमो करके दिखाया। साथ गाड़ी में हर स्थिति से निपटने के लिए उपलब्ध कराए गए उपकरण भी दिखाए गए।
मान लिया तो हार गए ठान लिया तो जीत गए : विरेंद्र
खंड शिक्षा अधिकारी विरेंद्र गर्ग ने बताया कि मान लिया तो हार गए ठान लिया तो जीत गए और यही जिंदगी का फलसफा है। पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती है। परिस्थितियां कैसी भी रहें, हमेशा पढ़ने पर ध्यान दें, क्योंकि आप ही हमारे देश का भविष्य हैं। पढ़ने के साथ सामाजिक गतिविधियों में भी शामिल हो। इससे हमें समाज के साथ चलने में सहयोग मिलेगा।
बहाना नहीं पढ़ना बेहद जरूरी : सुशीला गुप्ता
प्रधानाचार्य सुशीला गुप्ता ने बताया कि गुरु के बिना ज्ञान नहीं मिलता है। पढ़ने से बचने के लिए नहीं, बल्कि पढ़ने के लिए बहाने बनाने चाहिए। आपकी पढ़ाई और उम्र को कोई छीन नहीं सकता है। इसलिए कहा भी जाता है विद्या ही मनुष्य की सच्ची मित्र होती है। अभिभावकों को भी चाहिए अपने बच्चे को पढ़ने के लिए भेजें।
कुरुक्षेत्र। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में हिस्ता लेतीं छात्राएं।
कुरुक्षेत्र। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में हिस्ता लेतीं छात्राएं।
कुरुक्षेत्र। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में हिस्ता लेतीं छात्राएं।
कुरुक्षेत्र। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में हिस्ता लेतीं छात्राएं।