संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। हरियाणा कला परिषद की ओर से अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में नाट्य प्रस्तुति सैंया भए कोतवाल का मंचन किया गया। कला परिषद के निदेशक संजय भसीन के निर्देशन में नाटक ने हास्य और व्यंग्य से दर्शकों को आनंदित किया। कुरुक्षेत्र के कलाकारों ने नाटक के माध्यम से भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर कटाक्ष किया।
परिषद के मीडिया प्रभारी विकास शर्मा ने बताया कि वसंत सबनीस द्वारा लिखित नाटक सैया भए कोतवाल में दिखाया गया कि समय के साथ-साथ भ्रष्टाचार ने भी व्यवस्था में अपने पैर जमा रखे हैं। नाटक ऐसे ही भाई-भतीजावाद की परंपरा पर चोट करते हुए समाज को आइना दिखाने का कार्य करता है। नाटक में हास्य तथा व्यंग्य का मिला-जुला संगम देखने को मिला। इस कारण लोग इस नाटक को देखकर रोमांचित हो उठे।
हास्य के रंग में भ्रष्ट लोगों की पोल खोलते हुए नाटक में दिखाया गया है कि लोग किस तरह भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देते हुए सत्ता ऐसे लोगों के हाथों में दे देते हैं, जो उसके काबिल ही नहीं है। ऐसे भ्रष्ट लोग अपने स्वार्थ के कारण उच्चाधिकारियों को भी नुकसान पहुंचाने से परहेज नहीं करते। नाटक में ईमानदार लोगों को भी जगह दी गई है।
एक हवलदार छोटे पद का कर्मचारी अपने राजा तथा राज्य को बचाने के लिए मुसीबत मोल लेता है। इस तरह नाटक न केवल भ्रष्ट लोगों की पोल खोलता है बल्कि व्यवस्था पर प्रहार करते हुए समाज को सही राह दिखाने का कार्य भी करता है। नाटक में हवलदार की भूमिका रजनीश भनोट तथा कोतवाल की भूमिका शिवकुमार किरमच ने निभाई। प्रधान की भूमिकाचंचल शर्मा, सिपाही की विकास शर्मा, मैनावती की पारुल कौशिक और संख्या की भूमिका में राजीव कुमार दिखे। अन्य सहयोगियों में शुभम कल्याण, गोविंदा, सिद्धार्थ सिद्धू, निकेता शर्मा, पार्थ तथा लालचंद शामिल रहे। इस अवसर पर नाटक निर्देशक संजय भसीन, शशी भसीन, धर्मपाल, नीरज सेठी भी उपस्थित रहे।
सैंया भए कोतवाल नाटक का मंचन करते कलाकार। संवाद- फोटो : Kurukshetra