कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के शोधार्थी डॉ. हिमांशु प्रधान के साथ कुलपति कुलपति
कुरुक्षेत्र। इलाज के लिए तरसते लोगों की अस्पतालों में भीड़ देखकर मन में ठान लिया था कि एक दिन डॉक्टर बनकर उनकी सेवा करनी है। यह सपना तो पूरा हुआ लेकिन यूपीएससी परीक्षा पास करने की भी दिल में इच्छा थी। वर्षों की मेहनत और संघर्ष के बाद बुधवार शाम जब संघ लोक सेवा आयोग के परिणाम में आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर के रूप में चयन हुआ तो श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के काय चिकित्सा विभाग के स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के शोधार्थी डॉ. हिमांशु भूषण प्रधान की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
वे मूलरूप से ओडिशा राज्य के बालेश्वर जिले के गांव गोपीनाथपुर, नीलगिरी के रहने वाले हैं। डॉ. हिमांशु की इस उपलब्धि पर श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान, कुलसचिव प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह तोमर, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता, आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. राजा सिंगला, काय चिकित्सा विभाग की चेयरपर्सन प्रो. नीलम, एसोसिएट प्रो. नेहा लांबा, सहायक प्रो. प्रीति गहलावत समेत संस्थान के अन्य शिक्षकों ने मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं।
ओडिशा लोक सेवा आयोग में भी चयनित
डॉ. हिमांशु ने 2014 में 12वीं (मेडिकल) उत्तीर्ण की। 2016 में नीट परीक्षा पास कर राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल (बलांगीर) ओडिशा में बीएएमएस में दाखिला लिया, जहां वे सेकेंड टॉपर रहे। स्नातकोत्तर के लिए उन्होंने ऑल इंडिया आयुष पीजी प्रवेश परीक्षा में 316वीं रैंक हासिल कर श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र में काय चिकित्सा विभाग में प्रवेश लिया। पढ़ाई के दौरान ही 2024 में ओडिशा लोक सेवा आयोग में भी बतौर आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी चयनित हुए। शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ डॉ. हिमांशु ने अन्य क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वे विभाग में टॉपर रहे तमिलनाडु के कोयंबटूर में आयोजित राष्ट्रीय क्विज प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त किया और 2022 में हिमाचल कंपनी की ओर से आयुर्वेद विशारद अवार्ड से सम्मानित किए गए।