शाहाबाद। मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान के धरनारत कर्मियों के बीच पहुंचे भाकियू अध्यक्ष गुरनाम चढ़ूून
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर में वेतन संकट गहरा गया है। चिकित्सक व कर्मचारी शुक्रवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतर आए। इस कारण ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ा, जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई। हालांकि, आपात सेवाएं संस्थान में जारी रखी गईं।
भाकियू अध्यक्ष गुरनाम चढ़ूनी ने धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों को समर्थन दिया। उन्होंने दोनों पक्षों को मामले पर पत्र लिखने का भरोसा भी दिया। यह मामला अब फिर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है।
हाईकोर्ट में 27 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। पिछले तीन माह से लंबित वेतन के लिए कर्मचारियों का आंदोलन पिछले माह उस समय शांत हो गया था जब एचएसजीएमसी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने जल्द समाधान का भरोसा दिया था। उसके बाद हरियाणा कमेटी की ओर से न हाउस की बैठक की जा सकी और न ही इस मामले पर कोई फैसला लिया गया। एसजीपीसी पक्ष ने मामले को लेकर डबल बैंच के पास याचिका दायर की है, जिसमें हरियाणा कमेटी द्वारा संस्थान को संभाल न पाने को आधार बनाया गया। हरियाणा कमेटी प्रधान जगदीश झींडा ने अदालत में मामला ले जाने के चलते एसजीपीसी को ही वेतन देने का जिम्मेदार बताया। इसी लड़ाई के बीच शुक्रवार को संस्थान के डॉक्टरों सहित समूह स्टाफ ने मीरी-पीरी कर्मचारी संघर्ष समिति के बैनर तले अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया और रोष जताया। समिति के अध्यक्ष प्रितपाल सिंह तथा मुख्य संरक्षक डॉ. गुरपिंदरबीर सिंह ने कहा कि उनकी तीन प्रमुख मांगें हैं, जिनमें पिछले तीन माह से लंबित वेतन का तत्काल भुगतान किया जाए, संस्थान के संचालन और वेतन भुगतान की जिम्मेदारी स्पष्ट की जाए तथा भविष्य में वेतन भुगतान की एक निश्चित तिथि घोषित की जाए ताकि कर्मचारियों को हर महीने समय पर वेतन मिल सके। धरने के कारण अस्पताल की ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं। मरीज इलाज के लिए भटकते रहे।
शाहाबाद। मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान के धरनारत कर्मियों के बीच पहुंचे भाकियू अध्यक्ष गुरनाम चढ़ूून
शाहाबाद। मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान के धरनारत कर्मियों के बीच पहुंचे भाकियू अध्यक्ष गुरनाम चढ़ूून