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Kurukshetra News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यात्रा, सामाजिक कर्तव्यों और पंच परिवर्तन पर हुई चर्चा

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कुरुक्षेत्र। कार्यशाला का शुभारंभ करते अति​थि। स्वयं
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कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें जिले की प्रमुख संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े नागरिक उपस्थित हुए। गोष्ठी में समाज, राष्ट्र और संगठन के योगदान पर व्यापक चर्चा हुई।
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विचार गोष्ठी के मुख्य वक्ता उत्तर भारत प्रचारक जतिन कुमार ने कहा कि संघ के संस्थापक डॉक्टर केशव बलिराम हेडगवार बचपन से ही देशभक्ति स्वभाव वाले थे। उन्होंने बताया कि अंग्रेजी शासन के दौर में विद्यालय निरीक्षण के समय वंदे मातरम् का उद्घोष कर हेडगवार ने अपने मन में बसे स्वाधीनता भाव को व्यक्त किया। बंगाल में एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान वे कांग्रेस की अनुशीलन समिति से जुड़े और क्रांतिकारियों के साथ सक्रिय रहे। नागपुर अधिवेशन से लेकर आजादी के संघर्ष तक वे दो बार जेल भी गए। इसी राष्ट्रभावना और संगठित समाज की आवश्यकता को देखते हुए 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई।

उन्होंने कहा कि 100 वर्षों में संघ के कार्यकर्ताओं ने समाज के प्रत्येक क्षेत्र के लिए संगठन खड़े किए जिनमें विश्व हिंदू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ और सेवा भारती प्रमुख हैं। आज देशभर में 84 हजार से अधिक शाखाएं और 32 हजार से ज्यादा मिलन मंडलियां सक्रिय हैं।
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कार्यक्रम के सहवक्ता, सेवानिवृत्त महाप्रबंधक और स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय टोली सदस्य सतीश चावला ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और वर्तमान में जीडीपी 8.2 प्रतिशत है। भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र की श्रेणी में आएगा लेकिन आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक उत्थान भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने पंच परिवर्तन कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्य अतिथि विज्डम वर्ल्ड शिक्षण संस्थान के संचालक विनोद रावल ने संघ को विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बताया। उन्होंने बताया कि विभाजन के समय उनके पिता ने अपने परिवार को सुरक्षित स्थान पर भेजकर पाकिस्तान में रहकर हिंदू भाइयों के शवों का दाह संस्कार किया और कई लोगों की सहायता की। सेवा और समर्पण की यह भावना ही संघ को विशिष्ट बनाती है। जतिन कुमार ने कहा कि देश को महान बनाने का कार्य केवल संघ का नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से पूरा होगा। राष्ट्रहित में तन, मन और धन से योगदान देना हर नागरिक का कर्तव्य है। जिला संघ चालक रंजीत सिंह ने सभी नागरिकों का आभार जताया।

कुरुक्षेत्र। कार्यशाला का शुभारंभ करते अतिथि। स्वयं

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