कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाल की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेते प्रधान डॉ. कृष्ण श्योकंद सहित अन्य।
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) रविवार को हुई, जिसमें वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की और 2024-25 के आय-व्यय का ब्योरा पेश किया, जिसे सभा ने सर्वसम्मति से पारित किया।
बैठक में नए सदस्यों को जोड़ने, निष्क्रिय सदस्यों को हटाने, धर्मशाला के सुधार और मरम्मत कार्यों पर चर्चा हुई। साथ ही कोचिंग सेंटर और ई-लाइब्रेरी शुरू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सदस्यों के नाम पत्थर पर अंकित करने का ब्योरा भी मांगा गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए संस्था के प्रधान डॉ. कृष्ण श्योकंद ने कहा कि धर्मशाला को शिक्षा, खेल और चिकित्सा क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए समाज तन, मन, धन से कार्य करेगा। उन्होंने डिजिटल इंडिया की तर्ज पर धर्मशाला को पूरी तरह डिजिटल करने की घोषणा की, ताकि विश्व भर के जाट समाज के युवाओं, छात्रों और प्रबुद्ध व्यक्तियों को इससे जोड़ा जा सके।
उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी जल्द ही गांव-गांव जाकर नए सदस्य जोड़ने और दान-अनाज एकत्र करने के लिए प्रेरित करेगी। बैठक में आजीवन सदस्यों, इस मौके पर संस्था के उपप्रधान बनी सिंह, सचिव हरिकेश सहारन, मीडिया कोऑर्डिनेटर गुरदीप तंवर, नरेंद्र नैन, होशियार सिंह सहित पूर्व प्रधानों, शिक्षाविदों, कार्यकारिणी व समाज सदस्यों ने हिस्सा लिया। संवाद