कुरुक्षेत्र। सन्निहित सरोवर पर स्थित वीटा बूथ को बंद करवाने की मांग को लेकर श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा ने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड कार्यालय के सामने लगभग एक घंटे तक धरना दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केडीबी प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।
सभा के मुख्य सलाहकार जयनारायण शर्मा व प्रधान श्याम सुंदर तिवारी ने आरोप लगाते हुए बताया कि पवित्र सन्निहित सरोवर के किनारे स्थित इस वीटा बूथ में लगभग एक वर्ष पूर्व मीट बनते हुए पकड़ा गया था, जिसका वीडियो वायरल हुआ था। उस समय विकास बोर्ड ने एनओसी रद्द कर दी थी। वीटा के अधिकारियों ने जांच करते हुए इस मामले को सही पाया था और बूथ की अलॉटमेंट रद्द कर दी थी। उसी समय से यह बूथ बंद पड़ा हुआ है।
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कल बूथ को दोबारा खोलने का प्रयास किया गया था और पता चला है कि केडीबी प्रशासन ने दोबारा से एनओसी जारी करने पर वीटा ने बूथ की अलॉटमेंट उसी व्यक्ति को कर दी जिसके पास यह पहले था। जयनारायण शर्मा ने आरोप लगाया कि यह सब केडीबी प्रशासन की मिलीभगत से हुआ है। सन्निहित सरोवरपवित्र स्थान है। इसके चारों ओर मंदिर और नजदीक ही गुरुद्वारा छठी पातशाही है। धर्मनगरी में मांस की बिक्री पर प्रतिबंध है। इस बूथ की अलॉटमेंट रद करके बूथ को किसी अन्य स्थान पर तब्दील किया जाए।
शर्मा ने चेतावनी दी कि 24 घंटे में बूथ की अलॉटमेंट रद्द नहीं की गई तो मामला मुख्यमंत्री के कुरुक्षेत्र आगमन पर उनके सामने उठाया जाएगा। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन अधिकारियों ने इस बूथ को दोबारा से खुलवाने में भूमिका निभाई है, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। इसी बीच कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के संपदा अधिकारी कर्ण सिंह प्रदर्शनकारियों के बीच आए और उन्हें आश्वासन दिया कि 24 घंटे के अंदर इस बूथ की एनओसी रद कर दी जाएगी। किसी भी व्यक्ति को हिंदू धर्म की आस्था के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।