कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व की धूम देशभर में देखने को मिल रही है। इस पर्व का जश्न मथुरा-वृंदावन में ही नहीं बल्कि पूरे देशभर में जोर-शोर से मनाया जा रहा है। धर्मनगरी में भी श्रीकृष्ण भक्तों में पूरा उत्साह देखने को मिल रहा है। वहीं मुख्य मंदिरों को रंग बिरंगी लाइटाें से सजाया जा रहा है और बाजार में भी रौनक देखने को मिल रही है। घरों में भी छोटे बच्चों को अभिभावक राधा-कृष्ण का रूप देकर झूला झुला रहे हैं। मंदिरों को भी कई तरह के फूलों से सजाया गया है।
श्रीकृष्ण के भक्त पूरे वर्ष इस दिन का इंतजार करते हैं और मिलकर हर्षोल्लास के साथ त्योहार मनाते हैं। श्रीकृष्ण जन्म को लेकर महिलाएं दिन भजन-कीर्तन करती हैं। छोटी उम्र की बच्चियों से लेकर युवा एवं बुजुर्ग महिलाओं के लिए जन्माष्टमी का पर्व एक अलग ही एहसास लेकर आता है। इस दिन महिलाएं पूरा दिन उपवास रखती हैं, जो कि कृष्ण जन्म तक जारी रहता है। श्रीकृष्ण का बाल रूप लड्डू गोपाल को भी महिलाएं अपने भाई, बेटे और मित्र के रूप में साथ रखती हैं तथा उनकी पूजा करती हैं।
आधुनिक व परंपरागत दोनों तरीकों से मनाते हैं जन्मोत्सव : नीलम
64 वर्षीय महिला श्रद्धालु नीलम अरोड़ा ने बताया कि वह श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर बहुत उत्साहित है। पूरे मोहल्ले में लड्डू गोपाल का जन्मदिन आधुनिक व परंपरागत दोनों तरीकों से मनाया जाता है। एक तरफ जहां लड्डू का भोग लगाया जाता है तो वहीं केक भी काटा जाता है।
बचपन से ही कर रही भगवान श्रीकृष्ण की पूजा : सरिता
60 वर्षीय श्रीकृष्ण भक्त सरिता शर्मा ने बताया कि वह बचपन से ही जन्माष्टमी पर्व को लेकर बहुत उत्सुक रहती है। इस दिन वह उपवास रखती है और अपने घर के सदस्यों के साथ मिलकर भगवान का भोग तैयार करती है। जन्मोत्सव के बाद भोग लगाकर ही उपवास खोलती है।
छोटे बच्चे की तरह संवारती हूं लड्डू गोपाल : ममता
47 वर्षीय श्रद्धालु ममता सुखीजा ने बताया कि वह खुद ही लड्डू गोपाल के वस्त्र व आभूषण तैयार करती है और एक छोटे बच्चे की तरह उन्हें सजाती एवं संवारती हैं। जन्मोत्सव पर्व पर गीत-संगीत का आयोजन कर छोटे बच्चे की तरह लड्डू गोपाल को रिझाया जाता है।
श्रीकृष्ण जन्म के पश्चात ही खोलती हूं उपवास : सुमन
श्रीकृष्ण दिवानी 34 वर्षीय संगीता ने बताया कि वह बचपन से ही जन्माष्टमी पर्व पर उपवास रखती आ रही है। कृष्ण जन्म पश्चात ही खाना खाती है। मंदिर और लड्डू गोपाल को सुंदर वस्त्रों और आभूषणों से संवारती है। मंदिराें में सभी महिलाएं अपने लड्डू गोपाल को सजाकर लाते हैं।
कुरुक्षेत्र। कान्हा को घर लेकर जाना है---- जन्माष्टमी पर्व पर दुकान पर रखे भगवान श्री कृष्ण के