कुरुक्षेत्र। परिक्रमा के दौरान मौजूद स्वामी ज्ञानानंद व श्रद्धालु। विज्ञप्ति
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कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार की ओर से ब्रह्मसरोवर की मासिक परिक्रमा श्रद्धा के साथ आयोजित की गई। परिक्रमा में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। हरि संकीर्तन से ब्रह्मसरोवर का सारा वातावरण भक्तिमय हो गया। रविवार प्रात: सर्वेश्वर महादेव मंदिर के सामने से परिक्रमा शुरू हुई और उसी स्थान पर आकर संपन्न हो गई।
भजन रसिक राजेंद्र चोपड़ा, सुनील वत्स, पवन गुंबर व विकास की ओर से गाए गए भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। बार-बार प्रणाम बिहारी तेरे चरणों में, राधे-राधे रटते चलो और आ जाएंगे बिहारी के भजन ने वातावरण को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। परिक्रमा में ठाकुरजी की पालकी शामिल रही। श्री कृष्ण कृपा गोशाला सेवा समिति और जीओ गीता के प्रमुख पदाधिकारियों ने परिक्रमा में भाग लिया। ठाकुर जी की आरती के साथ परिक्रमा संपन्न हुई।
इस अवसर पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने श्रद्धालुओं को पवित्र ग्रंथ गीता के अनुसार जीवन जीने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीओ गीता संग, सीखो जीने का ढंग के संदेश को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। श्रीमद्भगवद्गीता दुनिया का एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जिसमें जीव की हर समस्या का समाधान मिलता है।
कुरुक्षेत्र। परिक्रमा के दौरान मौजूद स्वामी ज्ञानानंद व श्रद्धालु। विज्ञप्ति- फोटो : संवाद