कुरुक्षेत्र। ठेकेदार नौशाद अली ने विवि प्रशासन पर काफी गंभीर आरोप लगाए हैं। नौशाद ने कहा कि उसकी करोड़ों रुपये की बकाया पेमेंट में प्रशासन देरी कर रहा है। एक निजी होटल में पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि मामला भुगतान निकलवाने से ही शुरू हुआ था। यूनिवर्सिटी में किए गए उसके काम का भुगतान करने की एवज में उससे रिश्वत की मांग की गई। जब उसने रिश्वत नहीं दी तो भुगतान रोक दिया गया।
इस पर उसने विजिलेंस को शिकायत दी। इसके आधार पर विजिलेंस की टीम ने रेड की और एक लाख रुपये की रिश्वत लेते निर्माण शाखा के एक्सइएन को मौके से गिरफ्तार किया। नौशाद अली ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद कोर्ट से जमानत मिलने के बाद विवि प्रशासन ने दोबारा एक्सइएन को पद पर बहाल कर दिया। इतना ही नहीं एक्सइएन का एक साल का प्रोबेशन पीरियड भी खत्म नहीं हुआ था। इसके बावजूद बहाली करना पूरी तरह से गलत है।
भ्रष्टाचार की धाराओं के बाद बहाली सवालों के घेरे में
नौशाद अली के वकील बालकृष्ण गुप्ता और कैनवाल शर्मा का कहना है कि भ्रष्टाचार की गंभीर धाराओं के बाद भी विवि प्रशासन ने निर्माण शाखा के एक्सइएन की बहाली के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की है। गुप्ता ने कहा कि भ्रष्टाचार की गंभीर धाराएं लगने के बाद भी प्रोबेशन पीरियड में बहाली करना सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि एक्सइएन की नियुक्ति को महज सात महीने ही हुए थे जब उसे एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार किया।
कुरुक्षेत्र। पत्रकारों से बातचीत करते ठेकेदार नौशाद अली व वकील बालकृष्ण गुप्ता। संवाद- फोटो : samvad