कुरुक्षेत्र। स्वस्थ शरीर, मन के लिए नृत्य एवं संगीत बहुत जरूरी है। संगीत एवं नृत्य मनुष्य को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से लाभ प्रदान करते हैं। यह विचार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने संगीत एवं नृत्य विभाग द्वारा विश्व नृत्य दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि संगीत मस्तिष्क को शांत करने का सबसे सरल माध्यम है। इस अवसर पर कुलपति ने आजादी की लड़ाई के सभी शहीदों के बलिदान को याद किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में विभाग की छात्रा सृष्टि निर्वाण ने राग श्री में शास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया। इसके पश्चात विभाग के छात्र सुरेंद्र ने सितार वादन प्रस्तुत किया। कथक की शुभ्रा अरोड़ा तथा उनके छात्रों द्वारा नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर डॉ. भगवंत कौर के निर्देशन में तैयार सितार वाद्य वृंद की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में मंच का संचालन डॉ. हरविंदर सिंह लोंगोवाल ने किया।