जिलेभर में शनिवार को भैया दूज का पर्व धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर व मीठा खिलाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। वहीं भाइयों ने भी अपनी बहनों की रक्षा के संकल्प के साथ उन्हें उपहार दिए। भैया दूज पर्व के चलते शनिवार को शहर के बाजारों, बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन आदि जगहों पर दिनभर लोगों की भारी भीड़ रही। बसें के कई रूट तो इतने व्यस्त थे कि दूसरे रूटों की बसों को भी इन रूटों पर लगाना पड़ा। सबसे ज्यादा भीड़ यमुनानगर व कैथल के रूट पर जाने वाली बसों में रही। रोडवेज महाप्रबंधक अशोक मुंजाल ने बताया कि सुबह पांच बजे से ही बसें रूटों पर निकल चुकी थीं। जिस रूट पर सवारियां ज्यादा नजर आई उस रूट पर दूसरे डेड रूटों की बसों को भी लगा दिया गया।
पांच पर्वों की लड़ी में शामिल इस पर्व पर सुबह ही घरों में धूम शुरू हो गई थी। परंपरा के अनुसार बहनों ने भाइयों को तिलक लगाने के बाद नारियल आदि भी दिए। इस पर्व पर शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति रहा, जिसके माथे पर लाल रंग का तिलक न सजा हो अन्यथा सबके माथे पर लगे टीके भैया दूज पर्व की महत्ता का अहसास करा रहे थे। परिवार के जहां बड़े सदस्यों ने इस पर्व की परंपरा को निभाया वहीं छोटे-छोटे बच्चों पर भी इस पर्व का रंग खूब देखा गया।
बाजारों में खासी भीड़ देखी गई। विशेषकर मिठाइयों व उपहारों की दुकानों पर लोगों की अधिक भीड़ थी। मिठाइयों की जमकर खरीददारी हुई। दीपावली के बाद एक बार फिर से दुकानों के बाहर तरह-तरह की मिठाइयां सजी दिखाई दी और उनके लोगों का तांता लगा हुआ था। भैया दूज के पर्व को लेकर वाहनों में भी खासी भीड़ थी। विवाहित बहनों की ओर से भैया दूज का पर्व मनाने के लिए भाइयों के घर जाने का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया था। सड़कों पर खासी भीड़ देखी गई। ट्रेनों में भी आम दिनों की अपेक्षा यात्रियों की संख्या अधिक थी।