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नमी जांच के चार मीटर के सहारे धान की 50 हजार ढेरियां

Mon, 10 Oct 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
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धान की ढेरी दिखाता किसान। - फोटो : अमर उजाला
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धान में जिस नमी को लेकर किसानों और आढ़तियों से लेकर मिलर्स व सरकार में रार पड़ी हुई है, उसकी जांच के ही मंडी प्रशासन के पास पर्याप्त संसाधन नहीं है। थानेसर अनाज मंडी मेें लगभग 50 हजार ढेरियां धान की पड़ी है, जिनकी जांच महज चार माश्चर मीटर के सहारे किए जाने के दावे किए जा रहे है। अब तक लगभग 50 फीसदी से अधिक धान मंडियों में पहुंच चुका है, लेकिन संसाधनों के अभाव के चलते ही थानेसर अनाज मंडी में अब तक अधिकतर धान का माश्चर अंदाजे से ही जांचा जाता रहा है। यहां तक कि महज कुछ दाने हाथों में उठाकर ही व्यापारी व खरीद एजेंसियां किसानों को बता रहे है कि धान में कितने प्रतिशत नमी है और उसी अनुसार ही उन्हें धान का भाव बता दिया जाता है।
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किसानों की मानें तो आढ़ती भी दुकान पर धान आते ही मुट्ठी भर दानों से नमी की मात्रा बताने में लगे है और वहीं से धान का भाव तय किया होने लग जाता है। खरीददार केे इस हाथ रुपी जांच मीटर से अब तक किसानों को करोड़ों रुपये का चूना लग चुका है। लेकिन किसानों के साथ हुई इस कथित लूट के बाद अब सरकार व प्रशासन अब किसानों की सुध लेता दिखाई देेने लगा है और वह भी माश्चर मात्रा 17 फीसदी से 22 फीसदी किए जाने के बाद। अब सभी आढ़तियों को निर्देश दिए गए है कि अपने-अपने माश्चर जांच मीटर खरीदें और किसान की हर ढेरी पर इस मीटर से माश्चर की जांच की जाए।

मुट्ठी भर दाने उठाकर कर तय कर दिया जाता है भाव
मंडी में ज्योतिसर निवासी किसान राजपाल का कहना है कि मंडी में किसानों को सरेआम लूटा जा रहा है। हाथ में दाने लेकर स्पष्ट कर दिया जाता है कि कितने प्रतिशत माश्चर है और क्या भाव धान बिक सकती है। यहां तक कि पूरी तरह सुखाए धान को भी अधिक माश्चर वाले धान की ही श्रेणी में रखा जा रहा है।  वहीं हसनपुर निवासी किसान रघवीर सिंह का कहना है कि किसानों को धान में अधिक नमी बता बड़ा भारी चूना लगाया जा रहा है। किसान केे पास अधिक बहस करने व कई दिनों तक इंतजार करने का समय नहीं होता, जिसका भी भरपूर फायदा उठाया जा रहा है।
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उधर कई आढ़तियों ने भी स्पष्ट तौर पर बताया कि धान में माश्चर कितना है यह अब तक अधिकतर हाथ में धान उठाकर ही बताया जाता रहा है। उनका मानना है कि हाथ से माश्चर जांच का सही व सटीक आंकलन नहीं किया जा सकता, लेकिन सही जांच के लिए मशीनों की जरूरत होती है, जो न आढ़तियों के पास है और न ही मंडी प्रशासन के पास। कई किसान इसका विरोध भी करते हैं, लेकिन कोई दूसरा विकल्प न देख वह भी उसी अनुसार धान बेचने को तैयार हो जाते है।

धान के अटके 6 लाख कट्टे
थानेसर अनाज मंडी में धान का उठान कमजोर रहने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में रविवार को भी लगभग 6 लाख कट्टे उठान की बाट जोहते रहे। जबकि मंडी में धान की रविवार को भी एक लाख क्विंटल से अधिक आवक हुई। रविवार को डीएफएससी व हरियाणा एग्रो ने धान खरीद नहीं की। हैफेड ने महज 13675 क्विंटल धान खरीदा। आवक अधिक होने व उठान कम रहने के चलते अब अधिकारियों के हाथ-पांव फूलने लगे है। अधिकारी आढ़तियों की रविवार को मिन्नतें करते रहे कि आज धान खरीद न करने व पर्चे न भरने में उनका सहयोग करें, ताकि उठान हो सके।

ट्रैक्टर-ट्राली छोड़ किसान गायब, लगा रहा जाम
अनाज मंडी के गेट नं 2 पर एक किसान अपना ट्रैक्टर-ट्राली छोड़ कहीं चला गया, जिससे घंटा भर तक गेट पर जाम लगा रहा। सैकड़ों वाहन इस जाम में फंस गए। बाद में दूसरे किसान ने अपनी चाबी से ट्रैक्टर स्टार्ट कर उसे हटाया और जाम खुल पाया।

ऑपरेटर की सेंक्शन आई तो कटने लगी कंप्यूटर से पर्ची
थानेसर अनाज मंडी में दोनों गेटों पर कंप्यूटर से पर्ची काटने का कार्य शनिवार को उस समय शुरू हो पाया जब मार्केट कमेटी प्रशासन के पास कंप्यूटर ऑपरेटर की सेक् शन आई। मंडी सुपरवाइजर सुरेंद्र सिंह व एआर रामलाल ने बताया कि छह पदों के लिए सेंक्शन आ गई है, जिन पर कार्य शुरू कर दिया गया है। छह और पदों के लिए डिमांड भेजी गई है। अब दोनों गेटों पर कंप्यूटर से गेट पास की पर्ची काटी जाने लगी है।

वर्जन
उठान कार्य तेज न हो पाने व आवक लगातार बढ़ने से मंडी में हालात खराब हो रहे है। धान डालने के लिए भी किसानों को जगह नहीं मिल पा रही है।
- दौलत राम बंसल, प्रधान अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन  
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हमारे पास 4 माश्चर मीटर है। जो पूरी तरह से कार्य कर रहे हैं। सीजन में इनका पूरा प्रयोग किया जा रहा है, लेकिन मंडी की क्षमता व धान की आवक के अनुसार यह कम है। अब आढ़तियों को भी निर्देश दिए गए है कि वे भी माश्चर मीटर लें।
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- जिले सिंह, सचिव मार्केट कमेटी
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