बचगांव पुल के पास एसवाईएल नहर में 5-6 फुट लंबा मगरमच्छ देखे जाने से आसपास के क्षेत्र में दहशत फैली हुई है। लोग नहर के पास से गुजरने में भी किनारा कर रहे हैं। आसपास क्षेत्र के लोग एक दूसरे को मामले की जानकारी देकर सतर्क कर रहे हैं। वहीं वन्य प्राणी एवं जीव जंतु विभाग ने नहर के आसपास के क्षेत्र में अलर्ट जारी किया है। किसी को भी नहर में न जाने की हिदायत जारी की गई है। इसके साथ-साथ विभाग की टीम और गोताखोर प्रगट सिंह अपनी टीम के साथ मगरमच्छ की तलाश कर रहे हैं। हालांकि अभी तक मगरमच्छ का कोई सुराग उनके हाथ नहीं लगा है। विभाग ने सिंचाई विभाग से नहर का पानी रोकने के लिए सिफारिश की है।
सुबह सात बजे गांव के कुछ लोग बचगांव पुल के पास अपने पशुओं को चरा रहे थे। तभी उनकी नजर नहर के किनारे पड़े एक मगरमच्छ पर पड़ी। मगरमच्छ नहर के किनारे पर पड़ा देखा गया था। चरवाहों ने तुरंत इसकी सूचना गोताखोर प्रगट सिंह को दी, मगर गोताखोर के पहुंचने से पहले मगरमच्छ नहर में चला गया था। सूचना पाकर प्रगट सिंह वन्य प्राणी एवं जीव जंतु विभाग की टीम को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने संयुक्त रूप से नहर और उसके आसपास मगरमच्छ की तलाश भी की, मगर उसका कोई सुराग नहीं लगा।
एसवाईएल नहर करीब 20 फुट गहरी है। इसमें मगरमच्छ की तलाश करना आसान नहीं होगा। लिहाजा, विभाग की ओर से सिंचाई विभाग को नहर का पानी रोकने की सिफारिश की गई है। पानी कम होने पर नहर में सर्च अभियान चलाया जाएगा। दो-तीन दिन में नहर का पानी कम होगा। हालांकि इस दौरान विभाग और गोताखोरों की टीम नहर और आसपास नजर बनाए रखेंगी। वहीं विभाग टीम नहर में जाल लगाने की रणनीति पर काम कर रही है।
पिछले महीने 12 मई को नरवाना ब्रांच नहर में मगरमच्छ देखे जाने की सूचना गोताखोर प्रगट सिंह को मिली थी। तब प्रगट सिंह की टीम ने अभियान चलाकर तीन फुट लंबे मगरमच्छ को पकड़कर विभाग के हवाले कर दिया था। फिर उसे भौर सैयदां बने मगरमच्छ प्रजनन केंद्र में छोड़ दिया था।
विभाग के इंस्पेक्टर राजीव गर्ग ने बताया कि विभाग की टीम लगातार नहर के आसपास नजर बनाए हुए हैं। अभी नहर का पानी काफी गहरा है। पानी कम होने पर सर्च अभियान चलाया जाएगा। टीम नहर में जाल लगाने की कोशिश भी कर रही है। जल्द ही मगरमच्छ को पकड़ लिया जाएगा।