पिहोवा कस्बे के गांव संधोली निवासी कश्मीर चंद ने पिहोवा एचएचओ और उनके साथियों पर थाने में बुरी तरह मारपीट करने (थर्ड डिग्री टार्चर) का आरोप लगाया है। इस व्यक्ति को विधायक जसविंदर सिंह संधु ने घायल अवस्था में एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया है। विधायक के आग्रह पर कश्मीर चंद का दुबारा मेडिकल कराया गया है। दूसरी तरफ पुलिस ने आरोपों को निराधार बताया है।
कश्मीर चंद के अनुसार सोमवार की शाम पिहोवा के एसएचओ रमेश कुमार 5-6 कर्मचारियों के साथ चुनिया फार्म पर आए और मुझे गाड़ी में डालकर थाने ले गए। थाने में ले जाकर खूब पीटा। एसएचओ के कहने पर मुझे थाने में नीचे लिटा दिया गया। एसएचओ और एक एएसआई ने मुझे लाठियों से पीटा, जिससे मैं अर्द्धबेहोश हो गया। इसी दौरान गांव से पहुंचे लोगों ने थाना प्रभारी को समझाकर उसे मुक्त कराया।
इसके बाद पुलिस वाले मुझे पिहोवा के अस्पताल में ले गए और डॉक्टर को कुछ भी बताने पर बुरा हाल करने की धमकी दी। कश्मीर के अनुसार एसएचओ ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए न केवल झूठा एमएलआर बनवाया बल्कि धमकी देकर मेरे हस्ताक्षर भी करा लिए।
एसएचओ बोले, आरोप निराधार
मारपीट के एक मामले में कश्मीर सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया था। जो चोट वह दिखा रहा है वह पहले ही लगी हुई थी। उसका पिहोवा अस्पताल में मेडिकल कराया गया है। मैंने और मेरे किसी मुलाजिम ने उसके साथ कोई मारपीट नहीं की है। आरोप निराधार हैं।-रमेश कुमार, एसएचओ, पिहोवा
कोट्स
मैं चंडीगढ़ से लौट रहा था। रास्ते में पुलिस द्वारा टार्चर करने की जानकारी मिली तो वह कश्मीर चंद को अस्पताल ले गए। मेडिकल कराने पर कश्मीर के शरीर में चोट के काफी निशान मिले हैं। मंगलवार को एसपी से मुलाकात करूंगा। यदि एसपी ने समाधान नहीं किया तो इस मामले को लेकर सीएम से मुलाकात की जाएगा।-जसविंदर सिंह संधु, विधायक