हरियाणा के कुरुक्षेत्र के पिपली के उमरी गांव में नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी की टीम ने छापामारी की, जिससे गांव के लोग सकते में आ गए। सुबह पांच बजकर 10 मिनट पर टीम अजय उर्फ सन्नी लेफ्टी के घर पहुंची और छापामार कार्रवाई आठ घंटे से ज्यादा समय तक चली, इस दौरान घर का कोना-कोना खंगाला तो वहीं कई दस्तावेज भी कब्जे में लिए।
अजय बंबीहा गैंग का सदस्य बताया जा रहा है, जो फिलहाल एक साल से हिमाचल प्रदेश की जेल में बंद है। उसका नाम मिक्कु मिद्दाखेड़ा हत्याकांड में सामने आया था। उसे नाहन से गिरफ्तार किया गया था।
सुबह जब अधिकतर लोग नींद से उठे भी नहीं थे तो पांच बजकर 10 मिनट पर डीएसपी सुहानी कोतवाल के नेतृत्व में एनआईए की पांच सदस्यीय टीम एकाएक ही अजय उर्फ सन्नी लेफ्टी के घर पहुंच गई। भारी पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने घर का दरवाजा खटखटाया।
टीम ने अजय के पिता सुभाष व माता सीता के साथ पूछताछ शुरू की तो इसी दौरान वहां पर रमन भी सोया हुआ था, जिसको भी टीम ने अपने पास बैठा लिया तो वहीं अजय का एक रिश्तेदार दीपक भी बुलाया गया। सभी से अजय के बारे में बारीकी से जानकारी जुटाई।
परिजन व ग्रामीणों के विरोध का टीम को सामना न करना पड़े, इसके लिए बड़ी संख्या में स्थानीय पुलिस को भी साथ लिया गया। जब तक टीम की कार्रवाई चली तब तक आसपास के एरिया को सील रखा गया। इस दौरान टीम के अधिकारियों ने मीडिया से भी दूरी बनाए रखी।
रिश्तेदार को 23 मई को बुलाया मुख्यालय
जांच टीम ने अजय उर्फ लेफ्टी के एक रिश्तेदार दीपक से पहले अजय के बारे में हर जानकारी ली तो फिर उन्हें 23 मई को एजेंसी के मुख्यालय में पेश होने के लिए नोटिस दिया। यही नहीं इसी दौरान घर में ही सो रहे रमन से भी पूछताछ की। बताया जा रहा है कि रमन खेत में पानी देने के लिए रात को गया था, जहां से वह सीधे रात करीब 12 बजे अपने दोस्त अजय के घर आकर सो गया। उसे सुबह पांच बजे फिर पानी दूसरे खेत में बदलने के लिए जाना था, लेकिन जब तक कार्रवाई पूरी नहीं हुई, टीम ने उसे वहीं रोके रखा। वहीं टीम अजय के पिता का मोबाइल भी ले गई।
घर में माता-पिता तो भाई विदेश में
फिलहाल अजय के घर पर उसके माता-पिता ही रहते हैं, जो कभी अपने बेटे अजय को बड़ा खिलाड़ी होने का सपना देखते थे। पिता सुभाष करीब 10 साल से बीमार है। बड़ा भाई रजत विदेश में है।
राष्ट्रीय स्तर का कुश्ती खिलाड़ी रहा है अजय
बता दें कि अजय रेसलर था और वह स्थानीय से लेकर प्रदेश स्तर तक अपना बेहतर प्रदर्शन भी करता रहा और बाद में राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी भी बना। रमन सन्नी का दोस्त है और दोनों पर करीब डेढ़ साल पहले सेक्टर 15 में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था। यहां तक सन्नी आठ व रमन नौ माह जेल में भी रहे।