कस्बे में सोमवार को चालक की लापरवाही से एक दर्जन स्कूली बच्चों की जान पर बन आई। लाडवा के एक निजी स्कूल की वैन के बिना चालक के ही सड़क पर दौड़ पड़ी। वैन एक दुकान में घुसने के बाद ही रुकी। घटना के समय स्कूल वैन में एक दर्जन बच्चे व एक अध्यापिका सवार थी। इस दौरान मौके पर चीख पुकार मच गई और बच्चे रोने लगे।
निजी स्कूल की एक वैन सोमवार सुबह विद्यार्थियों को लेकर स्कूल के लिए जा रही थी। वैन का चालक स्कूल जाते समय रास्ते में पुराने थाने के पीछे पालिका कांपलेक्स के पास की कॉलोनी से गुजर रहा था। वहां पहुंचकर चालक ने वैन को स्टार्ट छोड़ दिया और बिना हैंड ब्रेक लगाए किसी काम से उतर कर चला गया। चालक के उतरने के कुछ देर बाद वैन वैन अपने आप ही चल दी।
यह देख वैन में बैठी अध्यापिका सहायता के लिए चिल्लाने लगी। दूसरी तरफ बच्चे डर के मारे जोर-जोर से रोने लगे। वैन को दौड़ता देख अध्यापिका ने वैन से छलांग लगा दी। अध्यापिका के चीखने और बच्चों के रोने की आवाज सुनकर जब तक ड्राइवर बाहर आया, तब तक वैन सड़क पर खड़ी एक स्कार्पियो को टक्कर मारकर एक दुकान में घुस गई। वैन की टक्कर से दुकान के काउंटर के शीशे टूट गएऔर दुकानदार भी चोटिल हो गया।
वैन चालू छोड़ गया था चालक: दुकानदार
दुकानदार वीरेंद्र सिंगला और उनके पुत्र अनूप सिंगला ने बताया कि वैन का चालक जिस जगह पर वैन स्टार्ट छोड़कर चला गया था, वहां से तीखा ढलान शुरू हो जाता है। यदि वैन दुकान में न घुसकर ढलान पर पलट जाती, तो बच्चों को गंभीर चोटें लग सकती थीं।
नहीं किया था रंग
हादसे का शिकार हुई वैन सफेद रंग की घटाटा मैजिक थी। इस पर न तो शिक्षा विभाग के नियमानुसार रंग किया गया था और न ही उस पर किसी स्कूल का नाम लिखा था। आसपास के लोगों ने बताया कि ड्राइवर भी स्कूल का नाम बताने में आनाकानी कर रहा था। इस बारे में न तो किसी ने पुलिस से शिकायत की है और न ही खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिकायत दी गई है।