मालकिन की पिटाई से क्षुब्ध असम की किशोरी दिल्ली से घर के लिए निकली लेकिन गलतफहमी में दूसरी ट्रेन पकड़ने के कारण वह भटककर हल्द्वानी पहुंच गयी।
कोतवाली पुलिस ने किशोरी को घर भेजने के लिए असम पुलिस से संपर्क किया है। उपनिरीक्षक विनोद जोशी ने बच्ची को उसकी मामी से बात कराई है।
असम के धनकुना मीरामारी निवासी नार्थलेन सुरी की 15 साल की बेटी इलीसिया दिल्ली स्थित कोठी में नौकरानी का काम क रती थी।
किशोरी का आरोप है कि उसने एक माह तक घर का सारा काम किया लेकिन मालकिन और मालिक उसकी पिटाई करते थे। प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर उसने घर जाने का फैसला किया।
रविवार को वह स्टेशन पर आकर बगैर टिकट लिए ट्रेन में बैठ गई। असम की ट्रेन में बैठने के बजाय वह हल्द्वानी की ट्रेन में बैठ गई।
हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर भटकती बच्ची को देखकर पुरानी चुंगी काठगोदाम की रहने वाली उर्मिला बिष्ट ने उससे पूछताछ की। इसके बाद उसे कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया।
उपनिरीक्षक विनोद जोशी ने किशोरी से पूछताछ कर उसकी मामी से बात कराई। मामी से बात करने के बाद किशोरी खुश हो गई है। पुलिस ने बच्ची को चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया है।
पुलिस का कहना है कि किशोरी टूटी-फूटी हिंदी के अलावा असमिया बोलती है। किशोरी टूटी फूटी हिंदी के अलावा असमिया बोलती है।