हरियाणा के कुरुक्षेत्र में जाली करेंसी बनाने के मास्टरमाइंड को अदालत ने सात साल और सप्लाई करने वाले मोहित निवासी जागसी जिला सोनीपत को पांच साल की सजा सुनाई है। अदालत ने मास्टर माइंड मनोज कुमार निवासी कैलरम जिला कैथल पर एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है।
जिला न्यायवादी राजबीर सिंह ने बताया कि सीआईए-एक की टीम ने पांच अक्तूबर 2020 को गुप्त सूचना पर मनोज कुमार को पिपली चौक से गिरफ्तार किया था। आरोपी के कब्जे से 25 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद हुई थी। टीम ने अदालत के आदेश से आरोपी को दो दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी के कब्जे से कलर प्रिंटर, ट्रिमर, स्केल कटर व 42 हजार 500 की नकली करेंसी बरामद हुई थी।
वहीं आरोपी निशानदेही पर पुलिस ने दूसरे आरोपी मोहित को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने 13 अक्तूबर को दूसरे आरोपी मोहित को एक दिन के रिमांड पर लिया था। इस आरोपी के कब्जे से 10 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद हुई थी।
इस मामले की नियमित सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश आराधना साहनी की अदालत ने आरोपी मोहित और मनोज को भादस की धारा 489 सी के तहत पांच-पांच साल कारावास की सजा सुनाई। वहीं मनोज को भादस की धारा 489-डी के तहत सात साल कारावास और एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मनोज बनाता था नकली नोट
दोषी मनोज कुमार नकली नोट बनाता था। इस काम के लिए मनोज कलर प्रिंटर, कटर और लैपटॉप रखता था। वह 100, 500 और दो हजार रुपये के नोट बनाता था। वहीं उसका दोस्त मोहित उस नकली करेंसी को मार्केट में चलाने का काम करता था। मनोज अपने दोस्त मोहित के पास ही रहता था।