हरियाणा के फतेहाबाद में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील जिंदल की अदालत ने धान खरीद में गड़बड़ी करने व सरकार के राजस्व को चूना लगाने के आरोप में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के तत्कालीन निरीक्षक सतपाल सिंगला व राईस मिल शिवाजी फूडस चंदड़ कलां के मालिक हरप्रीत सिंह को चार-चार की कैद व एक लाख 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
गौरतलब है कि सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी लेखराज ने 15 दिसंबर 2014 को उक्त लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया था। लेखराज ने अपनी शिकायत में कहा था कि उन्होंने अन्य स्टाफ के साथ 15 दिसंबर 2014 को शिवाजी फूडस चंदड कलां की जांच की तो मिल में धान की मात्रा कम मिली।
मौके पर 3177 क्विंटल धान पड़ा था और 4797 क्विंटल चावल प्रोसेसिंग में था। रिकॉर्ड मुताबिक शिवाजी फूडस को 308064 बैग धान अलॉट हुआ था। मिलान के बाद पाया गया कि मिल में 86 हजार क्विंटल धान कम है।
आरोप था कि इंस्पेक्टर सतपाल सिंगला ने अपने सुपरवाइजर को सूचना दिए बगैर ही इस मिल को 3 हजार मीट्रिक टन धान अलॉट कर दिया। शिवाजी फूड्स में कम मिले धान की कीमत 14 करोड़ रुपये थी। डीएसपी शुक्रपाल सिंह ने जांच के दौरान मुकदमें में भ्रष्टाचार निरोधी अधिनियम की धारा 13(1)(डी) भी जोड़ दी।
11 अक्तूबर को ठहराया था दोषी
इस मामले में 11 अक्तूबर को अदालत ने राइस मिल मालिक हरप्रीत सिंह व खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक सतपाल सिंगला को 11 अक्तूबर को दोषी करार दिया था। वहीं इस मामले में 21 आढ़तियों के नाम आए थे, जिनको सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। मंगलवार को अदालत ने निरीक्षक सतपाल को चार साल की कैद व 70 हजार रुपये जुर्माना तथा हरप्रीत को चार साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।