शहर के आजाद नगर में दिनदहाड़े की गई महिला की हत्या के मामले में गिरफ्तार हत्यारोपी को पुलिस ने मंगलवार को अदालत में पेश किया।
अदालत ने पुलिस की मांग पर आरोपी का एक दिन का रिमांड मंजूर कर पुलिस के हवाले कर दिया है। हत्यारोपी इस परिवार को ही लूटने की नीयत से कुरुक्षेत्र पहुंचा था और घर में महिला को अकेला देखकर उसने उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
वहीं, दूसरी ओर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि आरोपी ने महिला पर करीब आधा दर्जन बार वार किए थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव वारिसों को सौंप दिया है। आजाद नगर निवासी और पंचकूला में कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद की पत्नी कविता की हत्या करने के मामले की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतका कविता के मामा का घर सोनीपत में है।
बताया जा रहा है कि कविता के मामा के बेटे के साथ ही हत्यारोपी रवि की दोस्ती थी और वह दिल्ली रोड पर जुरासिक पार्क में काम करता था। दोस्त होने के नाते वह भी कविता को दीदी कहता था। वहां आते जाते जुरासिक पार्क में भी गए, जिससे वह करीब 4-5 वर्ष पहले जान पहचान में आ गया था और पिछले 5-6 माह से ज्यादा आना-जाना हो गया था।
इसी बीच किसी काम के लिए रवि को पैसे की जरुरत पड़ गई तो कविता व उनके पति ने उसकी मदद करते हुए 20 हजार रुपए भी दे दिए थे। लेकिन, बाद में वह पैसा देने में आना कानी करने लगा। इस पर कविता ने इसकी शिकायत सोनीपत निवासी अपने मामा को कर दी, जिससे वह काफी बौखला गया था।
लूटने और बेइज्जती का बदला लेने की योजना बनाई
आरोपी से प्रारंभिक पूछताछ में स्वीकार किया है कि 20 हजार रुपए को लेकर उसकी काफी बेइज्जती हो गई थी। इस पर उसने निर्णय कर लिया था कि वह इसी परिवार को लूटेगा और बेइज्जती का बदला लेगा।
इसी नीयत से वह सोमवार को कुरुक्षेत्र पहुंच गया और कविता के घर की ओर चल पड़ा। इसी दौरान मार्केट से आते हुए कविता उसे मिल गई और उसे लेकर घर आ गई।
चाय बनाते हुए किया हमला
पुलिस की जांच में सामने आया है कि हत्यारोपी रवि ने जिस समय हमला किया उस समय कविता उसके लिए चाय बना रही थी। गैस पर उसने पानी रखा हुआ था और इसी बीच उसने उसके पेट पर वार किया, लेकिन वह उसके हाथ पर लगा। इसके बाद उसने बचाव के लिए शोर मचाया तो हत्यारोपी ने उसका मुंह दबोच लिया और उसकी गर्दन पर चाकू से वार कर दिया।
इसके बाद उसने उसकी छाती और पेट में भी कई वार किए। हत्यारोपी से बचने के लिए कविता ने जमकर संघर्ष किया और इसी के चलते हत्यारोपी के मुंह और हाथों पर कविता के नाखूनों के निशान भी मौजूद रहे। मौके पर पहुंची पुलिस ने ही जलती हुई गैस बंद की थी।
हमारे साथ हुआ विश्वासघात
मृतका के भाई कृष्ण कुमार ने बताया कि हमारे साथ विश्वासघात हुआ है। जिसकी हमने मदद की थी उसने ही हमारे परिवार को बर्बाद कर दिया।
देर रात पालमपुर से कुरुक्षेत्र पहुंचे डॉ. कर्मचंद भी वारदात को लेकर बदहवास हैं। उन्होंने कहा कि दोनों बच्चों का बुरा हाल है और परिवार के लोग उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं। दोनों बच्चे यश जो महज 15 वर्ष का है और छोटी गुड़िया जो अभी छठी कक्षा में हैं दोनों को संभालना काफी कठिन हो रहा है।
आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। आरोपी रवि परिवार को लूटने की नीयत और बेइज्जती का बदला लेने की नीयत से ही कुरुक्षेत्र आया था और कविता को अकेला पाकर उसने वारदात को अंजाम दे दिया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
रामकुमार, एसएचओ, थाना शहर, थानेसर।