अपर सत्र न्यायाधीश विशेष कोर्ट ईसी एक्ट महेंद्र सिंह की अदालत में हत्या के एक मामले की सुनवाई की गई। कोर्ट ने हत्यारोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने पर दस साल की कैद और पांच हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
यह घटना बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के टिकरी मनौटी गांव की है। गांव के राम किशोर का पुत्र रंजीत 18 जुलाई 2013 की शाम सात बजे शौच क्रिया के लिए खेत जा रहा था।
पहले से बैठे जगतपाल और ज्वाला ने रंजीत को पकड़ लिया और लात घूसों से जमकर पिटाई की। गंभीर हालत में युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। रंजीत के पिता ने जगतपाल व ज्वाला के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
कोर्ट ने हत्यारोपी ज्वाला के अवयस्क होने पर इसका प्रकरण किशोर न्यायालय बोर्ड में भेज दिया है।
अपर सत्र न्यायाधीश विशेष कोर्ट ईसी एक्ट महेंद्र सिंह की अदालत में गवाहों के बयान और अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्ता द्वारा पेश किए गए सबूतों के आधार पर हत्यारोपी को सजा सुनाई है। कोर्ट ने हत्यारोपी को दस साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा दी है।